नकटी कार्रवाई पर कांग्रेस का हमला: ग्रामीणों को बसाया जाए, नहीं तो कोर्ट जाएंगे

रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की जांच समिति के संयोजक धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि ग्रामीण पिछले 30 से 40 वर्षों से वहां निवास कर रहे थे और उनके मकानों को तोड़ने की कार्रवाई अन्यायपूर्ण एवं गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रभावित परिवारों का पुनर्वास नहीं करती, तो कांग्रेस न्यायालय का रुख करेगी।

राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

चारागाह भूमि और पुनर्वास का मुद्दा उठाया

धनेंद्र साहू ने दावा किया कि संबंधित भूमि वर्षों पहले गांव के किसानों द्वारा चारागाह के लिए छोड़ी गई थी और बाद में ग्रामीण वहीं बस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परिवार वर्षों से वहां रह रहे थे तथा कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी बने हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित परिवारों को उसी क्षेत्र में पुनर्वास दिया जाए।

विधायक आवास के लिए जमीन खाली कराने का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आवास एवं पर्यावरण विभाग के एक पुराने पत्र से यह संकेत मिलता है कि भूमि विधायक आवास परियोजना के लिए खाली कराई जा रही है। पार्टी ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाए कि कार्रवाई का विधायक आवास से कोई संबंध नहीं है।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में तथ्य छिपा रही है। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को बेघर किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने कहा कि वर्षों से बसे लोगों को अतिक्रमणकारी बताना उचित नहीं है।

राज्यपाल से मुलाकात और कोर्ट जाने की तैयारी

कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले में 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात करेगी और प्रभावित परिवारों के पक्ष में हस्तक्षेप की मांग करेगी। पार्टी का कहना है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को न्यायालय में भी चुनौती दी जाएगी।

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