अपराजिता शुक्ला बनीं ‘सावन क्वीन’, छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा से सजा 14वां सावन मड़ई उत्सव
*भौंरा, बांटी, गेड़ी, रस्सी कूद और खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों ने ताजा की बचपन की यादें*
*बेमेतरा* । सामाजिक संस्था सांस्कृतिक विवेकानंद उत्कर्ष परिषद, रायपुर द्वारा आयोजित 14वें “सावन मड़ई” उत्सव में इस वर्ष बेमेतरा शहर की अपराजिता शुक्ला को “सावन क्वीन-2026” चुना गया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक परंपराओं से सजे इस आयोजन ने महिलाओं को बचपन की यादों से फिर रूबरू करा दिया।
संस्था की अध्यक्ष दीप्ति दुबे ने बताया कि परिषद पिछले 14 वर्षों से लगातार इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं परिवार और समाज की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं, लेकिन बचपन में खेले जाने वाले भौंरा, बांटी, गेड़ी, रस्सी कूद और खो-खो जैसे पारंपरिक खेल उनसे दूर होते जा रहे हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं, बल्कि बचपन की मधुर स्मृतियों को भी ताजा कर देते हैं।
सावन क्वीन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा शिक्षा, व्यक्तित्व, सौंदर्य, आत्मविश्वास और सामान्य ज्ञान के आधार पर किया गया। सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपराजिता शुक्ला ने ‘सावन क्वीन’ का ताज अपने नाम किया।
*पारंपरिक खेलों में दिखा गजब का उत्साह*
सावन मड़ई में महिलाओं ने केवल दर्शक नहीं बल्कि प्रतिभागी बनकर पूरे जोश के साथ खेलों में हिस्सा लिया। गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की होड़, बांटी में सटीक निशानेबाजी, गिल्ली-डंडा की पुरानी शैली और भौंरा घुमाने की कला ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। भौंरा जमीन पर पटकने के बाद नेती के सहारे हथेली पर उठाने की कोशिश ने बचपन की यादें ताजा कर दीं। वहीं रस्सीकूद और खो-खो प्रतियोगिताओं में भी महिलाओं ने भरपूर उत्साह दिखाया।
*लोक संस्कृति को सहेजने का संदेश*
आयोजन के माध्यम से परिषद ने यह संदेश दिया कि आधुनिक दौर में भी पारंपरिक खेल और लोक संस्कृति समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पुरानी यादों को ताजा करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।



