UPI लेनदेन पर चार्ज की अटकलें, संसद में नया भुगतान विधेयक पेश; फिलहाल आम उपभोक्ताओं पर कोई शुल्क नहीं

नई दिल्ली, 5 अगस्त। गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और अन्य यूपीआई (UPI) प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के बीच लेनदेन पर शुल्क लगने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने संसद में नया पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम (संशोधन) विधेयक पेश किया है। हालांकि, फिलहाल यूपीआई से होने वाले सामान्य लेनदेन पर किसी भी प्रकार का नया शुल्क लागू नहीं किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधेयक का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। इसके तहत भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से जुड़े प्रावधानों के लिए कानूनी व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। एमडीआर वह शुल्क होता है, जो सामान्यतः व्यापारी बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को देता है।

फिलहाल सरकार की ओर से आम उपभोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क लगाने की घोषणा नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़े व्यापारिक भुगतान, विशेषकर 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भविष्य में शुल्क लगाने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सरकार आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करती, तब तक Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI ऐप्स के जरिए सामान्य भुगतान पहले की तरह नि:शुल्क जारी रहेंगे।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसके नियम और दायरा अलग से अधिसूचित किया जाएगा। फिलहाल आम यूपीआई उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

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