53 किलो गांजा तस्करी मामले में आरोपी को 10 साल की सजा, ₹1 लाख जुर्माना
बलौदाबाजार विशेष न्यायालय का फैसला; जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास
बलौदाबाजार, 11 अगस्त 2026। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के एक मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायालय बलौदाबाजार की पीठासीन अधिकारी संगीता नवीन तिवारी ने यह फैसला 8 अगस्त 2026 को सुनाया। आरोपी कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी (20 वर्ष), निवासी डाम्हा, थाना नागौद, जिला सतना (मध्यप्रदेश) को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(II)(C) के तहत दोषी ठहराया गया।
कार की डिग्गी से मिला था 53 किलो 100 ग्राम गांजा
पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी 2024 को थाना गिधौरी पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वर्ना कार में बड़ी मात्रा में गांजा भरकर भटगांव से गिधौरी होते हुए कसडोल की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नवीन अमलीडीह रोड के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर कार चालक वाहन को तेज गति से भगाकर पत्थरों के ढेर के पास छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसकी डिग्गी से 53 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। गांजा और वाहन जब्त कर थाना गिधौरी में अपराध क्रमांक 20/2024 दर्ज किया गया।
जांच में सामने आई आरोपी की पहचान
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने वाहन स्वामी और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी की पहचान की। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाने के बाद विस्तृत विवेचना पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की। मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक प्रकाश जांगड़े और नेहरू राम साहू ने की।
व्यावसायिक मात्रा से काफी अधिक था गांजा
न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। बरामद 53.100 किलोग्राम गांजा एनडीपीएस अधिनियम में निर्धारित व्यावसायिक मात्रा से काफी अधिक था।
ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने इस फैसले को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए कड़ा संदेश बताया है। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



