कोंडागांव : पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 युवाओं से लाखों की ठगी, बर्खास्त CRPF जवान समेत 2 गिरफ्तार
बस्तर फाइटर और जिला बल में भर्ती कराने का दिया भरोसा, 25 से 30 लाख रुपये लेने का आरोप
कोंडागांव। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं को पुलिस विभाग में भर्ती कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी करने के मामले में फरसगांव और कोंडागांव पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पूर्व में CRPF में आरक्षक रह चुका है और बाद में सेवा से बर्खास्त हो चुका था।
करीब 15 युवाओं को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने करीब 15 बेरोजगार युवाओं को अपने संपर्क में लिया। उन्हें बस्तर फाइटर और जिला बल में आरक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से रकम ली गई।
जांच में अब तक ठगी की रकम करीब 25 से 30 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब लेन-देन के अन्य रिकॉर्ड खंगालकर वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या की जांच कर रही है।
CRPF में नौकरी का अनुभव बताकर बनाया भरोसा
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शत्रुधन टंडन पहले CRPF में आरक्षक के पद पर बीजापुर में तैनात था। सेवा से बर्खास्त होने के बाद उसने अपनी पूर्व नौकरी और अधिकारियों से कथित जान-पहचान का हवाला देकर युवाओं के बीच प्रभाव बनाया।
इसी भरोसे के आधार पर वह युवाओं को पुलिस भर्ती में मदद करने और चयन कराने का दावा करता था। इस काम में बुध सिंह मरकाम भी उसके साथ शामिल बताया गया है।
पैसे के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लिए
आरोपियों पर केवल रकम लेने ही नहीं, बल्कि नौकरी के नाम पर युवाओं से उनके व्यक्तिगत दस्तावेज भी हासिल करने का आरोप है। इनमें आधार कार्ड, अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल बताए गए हैं।
नौकरी नहीं लगने और बार-बार आश्वासन मिलने के बाद जब युवाओं को संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
चार अलग-अलग मामलों में जांच के बाद गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक फरसगांव और कोंडागांव थानों में आरोपियों के खिलाफ कुल चार मामले दर्ज हैं। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल फोन और तकनीकी साक्ष्यों की करीब तीन महीने तक पड़ताल की।
जांच से सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल, डायरी और युवाओं के दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, युवाओं के दस्तावेजों वाली फाइलें, डायरी और रजिस्टर बरामद किए हैं। इन सामग्रियों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने लोगों से संपर्क किया गया था और ठगी के नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने सरकारी नौकरी के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जानकारी और आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया की पुष्टि करने की जरूरत पर जोर दिया है। पुलिस भर्ती निर्धारित प्रक्रिया और आधिकारिक माध्यम से होती है, इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत पहचान या अधिकारियों से संपर्क का हवाला देकर नौकरी लगाने का दावा किए जाने पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।












