कोंडागांव : जंगल में मिला नक्सलियों का छिपाया डंप, पिस्टल और 6 वॉकी-टॉकी समेत विस्फोटक सामग्री बरामद

पुष्पपाल क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को मिली सफलता, BDS ने सुरक्षित तरीके से निकाली विस्फोटक सामग्री

कोंडागांव। जिले में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 6 सितंबर को पुष्पपाल क्षेत्र के घने जंगल में सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाया। मौके से एक पिस्टल, करीब छह वॉकी-टॉकी और विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।

जंगल में संदिग्ध सामान देखकर शुरू की तलाशी

सुरक्षा बलों की टीम रविवार को पुष्पपाल क्षेत्र के जंगलों में नियमित सर्चिंग अभियान पर थी। इसी दौरान जवानों की नजर जंगल के भीतर छिपाकर रखे गए कुछ संदिग्ध सामान पर पड़ी।

इलाके को सुरक्षित करने के बाद जब विस्तृत तलाशी ली गई तो वहां नक्सल गतिविधियों से संबंधित सामग्री का डंप मिला। इसके बाद बरामद सामान को सुरक्षा घेरे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

पिस्टल और संचार उपकरण भी मिले

सुरक्षा बलों के अनुसार बरामद डंप से एक पिस्टल और करीब छह वॉकी-टॉकी मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बारूद तथा वायर सहित अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

वॉकी-टॉकी की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियां महत्वपूर्ण मान रही हैं, क्योंकि जंगलों में सक्रिय नक्सली अपने नेटवर्क के भीतर संपर्क के लिए संचार उपकरणों का इस्तेमाल करते रहे हैं।

BDS की मदद से विस्फोटक हटाया गया

डंप में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद जवानों ने सावधानी बरतते हुए इलाके को सुरक्षित किया। इसके बाद बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की सहायता से विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित तरीके से निकाला गया।

इस प्रक्रिया के दौरान सर्चिंग टीम की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

डंप का इस्तेमाल किस लिए होना था, जांच जारी

बरामद सामग्री को जब्त कर सुरक्षित रखा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डंप को जंगल में कब और किस स्थान पर छिपाया गया था।

इसके साथ ही बरामद हथियार, संचार उपकरण और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल नक्सलियों द्वारा किस उद्देश्य के लिए किया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।

नक्सलियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क पर असर

जंगलों में बनाए गए डंप नक्सली संगठनों के लिए हथियार, विस्फोटक, संचार उपकरण और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित रखने का माध्यम होते हैं। ऐसे डंप का पता लगने से उनके लॉजिस्टिक नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है।

कोंडागांव में हुई यह बरामदगी भी सुरक्षा बलों के लगातार चल रहे एरिया डॉमिनेशन अभियान के दौरान सामने आई है।

जंगलों में अभियान लगातार जारी

सुरक्षा बलों की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान जारी रखा गया है। बरामदगी के बाद आसपास के जंगलों में भी अतिरिक्त तलाशी अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी इस तरह के डंप या संदिग्ध सामग्री तो छिपाकर नहीं रखी गई है।

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