नई दिल्ली : Instagram पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों की जांच तेज, NCPCR ने Meta अधिकारियों को फिर बुलाया
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार की सामग्री से संबंधित कथित विज्ञापनों के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने जांच आगे बढ़ा दी है। आयोग ने Meta India के प्रबंध निदेशक और प्रमुख अधिकारी को 16 सितंबर को दोबारा पेश होने के लिए तलब किया है।
पिछली सुनवाई में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी हुए थे शामिल
NCPCR ने इससे पहले Meta के अधिकारियों को 9 सितंबर की सुनवाई के लिए बुलाया था। उस दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा था। अब आयोग ने Meta India के MD और प्रमुख को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए फिर समन जारी किया है।
जुलाई में Meta से मांगा गया था जवाब
यह मामला जुलाई 2026 में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद NCPCR के संज्ञान में आया था। आयोग ने 3 जुलाई को Meta को नोटिस जारी कर कथित CSEAM विज्ञापनों के संबंध में स्पष्टीकरण और संबंधित जानकारी मांगी थी।
कंपनी ने करीब एक सप्ताह बाद अपना जवाब आयोग को सौंपा। इसके बाद NCPCR ने मामले के तथ्यों की विस्तृत जांच के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला किया।
जांच में विज्ञापनों की प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी भी मुद्दा
आयोग की जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि कथित आपत्तिजनक विज्ञापन प्लेटफॉर्म के विज्ञापन तंत्र से होकर यूजर्स तक कैसे पहुंचे। जांच में Meta की कंटेंट और विज्ञापन निगरानी व्यवस्था तथा ऐसे मामलों की पहचान और रोकथाम से जुड़े उपायों पर भी जानकारी ली जा रही है।
Meta ने पहले कहा था कि वह जानबूझकर ऐसे विज्ञापनों को चलाने की अनुमति नहीं देता और जानकारी मिलने के बाद संबंधित विज्ञापनों, खातों और लिंक पर कार्रवाई की गई।
बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में बदलाव
NCPCR की कार्रवाई के बीच Meta ने भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग को लेकर अपनी प्रक्रिया में बदलाव किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अब ऐसे मामलों की जानकारी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को सीधे रिपोर्ट करने की व्यवस्था शुरू की गई है।
मामला POCSO और ऑनलाइन सुरक्षा से भी जुड़ा
CSEAM से संबंधित सामग्री बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी होती है। ऐसे मामलों में भारत में POCSO Act समेत अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। NCPCR की जांच में प्लेटफॉर्म की भूमिका और सुरक्षा उपायों से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
16 सितंबर की सुनवाई पर नजर
अब NCPCR की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। आयोग Meta India के शीर्ष अधिकारियों से मामले से जुड़े तथ्यों, प्लेटफॉर्म की प्रक्रियाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ले सकता है।
जांच पूरी होने के बाद आयोग मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लेगा।












