रायगढ़: केलो परियोजना की बची नहरों का काम तत्काल शुरू करने के निर्देश, 164 गांवों को मिलेगा सिंचाई लाभ
21,225 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी खरीफ सिंचाई सुविधा, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने परियोजना की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश
रायगढ़, 7 अक्टूबर 2026। रायगढ़ की बहुप्रतीक्षित केलो वृहद परियोजना के शेष निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला कलेक्टोरेट में परियोजना की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बची हुई नहरों और नहर संरचनाओं का काम तत्काल शुरू कर समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
शेष नहर रिच और संरचनाओं पर फोकस
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने परियोजना के अंतर्गत बाकी नहर रिच और नहर संरचनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को आपसी समन्वय के साथ काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि परियोजना के शेष निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि इसकी सिंचाई क्षमता का लाभ किसानों तक जल्द पहुंच सके।
164 गांवों की 21,225 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा
बैठक में कार्यपालन अभियंता मनीष गुप्ता ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि केलो वृहद परियोजना रायगढ़ शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर ग्राम दनौट में केलो नदी पर स्थित है।
परियोजना के पूर्ण होने पर रायगढ़ और सक्ती क्षेत्र के 164 गांवों की कुल 21,225 हेक्टेयर भूमि को खरीफ फसल के लिए सिंचाई सुविधा मिलने का प्रावधान है।
इसमें रायगढ़ जिले के 156 गांवों की 20,011 हेक्टेयर और सक्ती क्षेत्र के 8 गांवों की 1,214 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
पेयजल और औद्योगिक जरूरतों में भी मिलेगी मदद
केलो परियोजना का उद्देश्य केवल कृषि सिंचाई तक सीमित नहीं है। परियोजना से रायगढ़ शहर की पेयजल जरूरतों और औद्योगिक क्षेत्र की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
शेष नहरों और नहर संरचनाओं का निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना की निर्धारित सिंचाई क्षमता का लाभ किसानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया और सुगम होगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और परियोजना से जुड़े ठेकेदार मौजूद रहे।
