CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का मार्च, राहुल गांधी समेत कई नेता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने अपना विरोध तेज कर दिया है। सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।
SIR और मतदाता सूची में बदलाव पर विपक्ष के सवाल
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नाम हटाने की कार्रवाई की जांच कराने की मांग की है।
याचिका में मतदाता सूची से हटाए गए नामों का ऑडिट कराने, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित सूचना और सुनवाई का अवसर देने तथा SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने लिया हिस्सा
मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ विपक्षी गठबंधन INDIA के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की खबर है।
राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का विरोध एक साझा आंदोलन का हिस्सा है। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सुनवाई पर नजर
विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। इससे पहले विपक्षी नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने लंबित न्यायिक मामलों का हवाला देते हुए प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात से इनकार कर दिया था और कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, याचिका पर मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है।
निर्वाचन आयोग और भाजपा का पक्ष भी अहम
मतदाता सूची में संशोधन को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं और पात्र मतदाता नियमानुसार अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका और आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी। मामले में अदालत का निर्णय चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े विवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
