छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी ठंड, अंबिकापुर में पारा 13.6 डिग्री; अगले दिनों में और गिरेगा तापमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। सरगुजा और बस्तर संभाग के साथ ग्रामीण इलाकों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। रात के तापमान में गिरावट के कारण मौसम में ठंडक बढ़ रही है, जबकि मैदानी इलाकों में दिन के समय अब भी गर्मी बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 24 घंटे न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं। इसके बाद रात के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।

अंबिकापुर में सबसे कम तापमान, रात का पारा 13.6 डिग्री

प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगा है। मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री कम रहा।

पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राजधानी रायपुर में रात का तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में इस अंतर से स्पष्ट है कि प्रदेश के उत्तरी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है।

रायपुर में दिन का तापमान 33 डिग्री

रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है। रायपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दुर्ग में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री कम था। दिन और रात के तापमान में अंतर होने के कारण लोगों को सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर में अपेक्षाकृत गर्म मौसम का अनुभव हो रहा है।

अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रह सकता है। शुक्रवार को भी प्रदेश में मौसम के ड्राई रहने की संभावना जताई गई है।

अगले 24 घंटे न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। इसके बाद रात के तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ सकती है।

बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई थी। मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और मजबूत होने की भी संभावना बताई गई है।

हालांकि, मौसम विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, इस प्रणाली का फिलहाल छत्तीसगढ़ के मौसम पर खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। प्रदेश के लिए किसी विशेष मौसम अलर्ट की सूचना भी नहीं दी गई थी।

सुबह-शाम ठंड, दिन में गर्मी का रहेगा असर

मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के लोगों को सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अनुभव हो सकता है, जबकि दोपहर में गर्मी बनी रह सकती है। खासकर सरगुजा संभाग के इलाकों में रात के तापमान में गिरावट का असर ज्यादा महसूस होने की संभावना है।

आने वाले दिनों में तापमान की स्थिति मौसम विभाग के नए पूर्वानुमानों के अनुसार बदल सकती है।

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