आमतौर पर अब तक आप जितनी भी शादियों में सम्मिलित हुए होंगे या फिर देखी होंगी उसमें दूल्हे को दुल्हन के गले में मंगलसूत्र डालते हुए देखा होगा। हमारे देश की पौराणिक प्रथाओं के अनुसार, उसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। मगर क्या आपने ऐसी कोई विवाह देखा है जिसमें दुल्हन दूल्हे को मंगलसूत्र पहनाए। आपको यह प्रश्न थोड़ा अजीब अवश्य लग रहा होगा किन्तु यह पूरी तरह सच है।
[img-slider id="274450"]
दरअसल, पुणे के निवासी शार्दुल कदम ने लैंगिक समानता का समर्थन करने के लिए अपनी विवाह के दिन दुल्हन के स्थान पर खुद मंगलसूत्र पहनने का निर्णय किया। इस निर्णय के पश्चात् वो चर्चाओं में आ गए। शार्दुल के इस फैसले से ना केवल उनकी पत्नी तनुजा बल्कि उनके माता-पिता के साथ-साथ रिश्तेदार भी शॉक्ड थे।
वही इतना ही नहीं कुछ लोगों ने इस निर्णय के लिए शार्दुल को ऑनलाइन ट्रोल भी किया। किन्तु इस प्रकार की आलोचना शार्दुल के निर्णय को बदल नहीं पाई तथा उन्होंने कहा, “हम एक-दूसरे के काम का समर्थन करते हैं, एक-दूसरे के सपनों में भरोसा करते हैं, तथा एक साथ इस यात्रा में हैं। तो, कौन परवाह करता है कि दुनिया क्या सोचती है? ” साथ ही उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। उन्होंने बताया, “तनुजा और मैं एक ही कॉलेज में थे किन्तु मुश्किल से चर्चा हुई। स्नातक होने के 4 वर्ष पश्चात्, हम अप्रत्याशित रूप से फिर से जुड़ गए। उसने इंस्टाग्राम पर एक हिमेश रेशमिया के गीत को शेयर किया तथा उसे यातना बताया। मैंने उत्तर में कहा कि यह महा अत्याचार है।