Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद में बताया ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए जी-राम-जी कानून, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का भी किया जिक्र

संसद का बजट सत्र हुआ शुरू, राष्ट्रपति ने संबोधित किया दोनों सदनों की संयुक्त बैठक

नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र 2026 शुरू हो गया है। बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए लागू किए गए जी-राम-जी कानून का महत्व बताया।

जी-राम-जी कानून के तहत 125 दिनों की रोजगार गारंटी और भ्रष्टाचार पर अंकुश

राष्ट्रपति ने कहा कि नए कानून के तहत गांवों में 125 दिनों की रोजगार गारंटी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि यह कानून भ्रष्टाचार और गबन को रोकने में सहायक होगा। राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार के निरंतर प्रयासों से आज लगभग 95 करोड़ भारतीय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि 2014 में केवल 25 करोड़ नागरिकों को ही यह सुविधा मिलती थी।

माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

राष्ट्रपति ने देश में माओवाद प्रभावित इलाकों में सकारात्मक बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में 2,000 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां माओवाद की समस्या धीरे-धीरे कम हो रही है।

ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख पेश किया

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति दुनिया के सामने पेश की है। उनका कहना था कि देश का प्रत्येक नागरिक इस बदलाव और सुरक्षा प्रयासों में भागीदार है।

ग्रामीण रोजगार और विकास की प्राथमिकता

राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, विकास और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि इन योजनाओं से पूरे देश में समान अवसर और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button