Chhattisgarh High Court : कोरोना की आशंका-जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट सेंटर खोलने हाई कोर्ट में जनहित याचिका

याचिकाकर्ता ने कहा-कोरोना संक्रमण की आशंका के बीच यह है जरूरी, स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे हैं ध्यान

चीन में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले के बीच देश में भी संक्रमण की आशंका बढ़ रही है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। दायर याचिका में राज्य में जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट सेंटर खोलने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर इस ओर ध्यान न देने का आरोप भी लगाया है। जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ने 25 जनवरी की तिथि तय कर दी है।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि पहली और दूसरी लहर के दौरान कोरोना संक्रमण ने देश में भारी तबाही मचाई थी। छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला था। तबाही का आलम ये कि तब श्मशान घाट में लाश जलाने के लिए स्वजन को घंटों इंतजार करना पड़ता था। आक्सीजन सिलिंडर के बिना लोगों ने तड़प-तड़प कर जान दे दी थी। जिस तरह चीन में कोरोना का संक्रमण तेजी के साथ दिन प्रतिदिन फैल रहा है इससे यहां भी डर बना हुआ है।

जैसे ही वायरस अपना रूप बदलेगा वैक्सीन और वर्तमान में जो उपाय है कितना बचाव कर पाएंगे या बचाव में सक्षम होंगे यह बाद में पता चलेगा। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट और बदलते स्वरूप और वर्तमान में उपलब्ध वैक्सीन और दवाई पर उसका कितना और क्या असर पड़ेगा इसकी पड़ताल के लिए कोरोना वायरस का जीनोम टेस्ट कराना जरूरी है। इस टेस्ट के जरिए बदलते वैरिएंट का समय में पता चल जाएगा। जिससे प्रभावी उपाय किया जा सकता है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य पिछड़े राज्य को छोड़ दें तो बड़े राज्यों में जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट सेंटर संचालित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के उत्तर के 15 जिलों के लिए बिलासपुर और दक्षिण के रायपुर में सेंटर खोलने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रदेश के दो करोड़ 70 लोगों की जानमाल की सुरक्षा के लिए वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति बन रही है उसके लिए सेंटर खोला जाना आवश्यक है। यह समय की मांग भी है।

जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा कि रायपुर एम्स में जीनोम टेस्ट सेंटर प्रारंभ होने के संबंध में गलत जानकारी दी गई है। इस संबंध में केंद्र सरकार से पूछा जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इस संबंध में जानकारी देनी चाहिए कि सेंटर प्रारंभ हुआ है या नहीं। अगर हो गया है तो कितनी जांच की क्षमता है और अभी तक कितनी जांच हुई है। याचिकाकर्ता ने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अस्र्ण साव व बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेष पांडेय द्वारा बिलासपुर में सेंटर खोलने प्रयास न करने की बात भी कही है।

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