CJP का 10 अक्टूबर वाला दिल्ली प्रदर्शन जारी रहेगा, पुलिस नोटिसों के बीच आज दिल्ली पुलिस को दी जाएगी सूचना

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन फिलहाल जारी है। संगठन ने साफ किया है कि नेताओं या कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी अथवा हिरासत की स्थिति में भी आंदोलन स्थगित नहीं किया जाएगा। अब प्रदर्शन से पहले पुलिस और CJP के बीच टकराव की स्थिति को लेकर निगाहें दिल्ली पर टिक गई हैं।

आज दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की सूचना देने का दावा

CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा है कि वह 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की जानकारी दिल्ली पुलिस को देंगे।

सौरव दास का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार संविधान देता है। संगठन की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन किसी एक नेता पर निर्भर नहीं है और नेतृत्व की गिरफ्तारी या हिरासत के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ का ऐलान किया था।

संगठन की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। दीपके ने कहा है कि यदि इस्तीफा नहीं होता है तो देशभर से CJP समर्थक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन बताया है।

महाराष्ट्र और राजस्थान में पुलिस नोटिस का दावा

दिल्ली प्रदर्शन से पहले CJP ने महाराष्ट्र और राजस्थान में अपने कार्यकर्ताओं को पुलिस नोटिस दिए जाने का दावा किया है।

अभिजीत दीपके के अनुसार, चंद्रपुर पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं से दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने, यात्रा के खर्च का स्रोत और सोशल मीडिया गतिविधियों से संबंधित सवाल किए हैं। दीपके ने आरोप लगाया कि इन नोटिसों के जरिए कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया है कि राजस्थान में भी CJP से जुड़े एक कार्यकर्ता को इसी तरह का नोटिस मिला है। इन दावों पर पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, नोटिस को कानून-व्यवस्था से जुड़ी एहतियाती कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

‘पुलिस को कैसे पता कि प्रदर्शन हिंसक होगा?’—दीपके

पुलिस नोटिस में कथित तौर पर संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति और सोशल मीडिया पर हिंसा भड़काने वाली सामग्री से बचने की बात का हवाला दिए जाने पर अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए हैं।

दीपके का कहना है कि जब प्रदर्शन 10 अक्टूबर को दिल्ली में होना है तो महाराष्ट्र के पुलिस अधिकारियों द्वारा पहले से हिंसा की आशंका जताने का आधार क्या है। हालांकि, ये दीपके के आरोप और सवाल हैं, इन्हें पुलिस की अंतिम राय के रूप में नहीं देखा जा सकता।

2 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद बढ़ा तनाव

CJP ने इससे पहले मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे थे। इसके बाद संगठन ने दिल्ली में अगले चरण के आंदोलन का ऐलान किया।

दिल्ली में भी हाल के दिनों में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों के प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे में 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और अनुमति की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।

अब सबसे बड़ा सवाल—क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा?

फिलहाल उपलब्ध ताजा जानकारी में CJP ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को रद्द करने की घोषणा नहीं की है। संगठन दिल्ली पहुंचने और प्रदर्शन करने की तैयारी में है। वहीं, पुलिस अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रबंधों की अंतिम स्थिति पर नजर बनी हुई है।

7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस को संगठन की ओर से दी जाने वाली सूचना और उसके बाद प्रशासन की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।

CJP का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े संगठन के आरोपों पर केंद्रित है। इन आरोपों की वैधता या चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अंतिम निष्कर्ष अलग-अलग संस्थागत एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही तय होंगे।

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