
धरमजयगढ़ के बोरो गांव में अवैध कोयला खनन का बड़ा खुलासा
रायगढ़ । जिले में कोयला माफिया की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक और चौंकाने वाला मामला धरमजयगढ़ क्षेत्र के बोरो गांव से सामने आया है। लंबे समय से मिल रही अवैध कोयला खनन की शिकायतों के बाद 3 फरवरी को पुलिस, वन विभाग और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान मौके से अवैध कोयला खनन में प्रयुक्त एक चेन माउंटेन मशीन जब्त की गई। हालांकि, जेसीबी मशीन कार्रवाई से पहले ही हटा ली गई, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि खनन माफिया को पहले से प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी मिल चुकी थी।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
रात के अंधेरे में चलता रहा खनन का खेल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते कई दिनों से क्षेत्र में भारी मशीनों की आवाजाही लगातार बनी हुई थी। खासकर रात के सन्नाटे में गूंजती मशीनों की आवाजें इस बात का स्पष्ट संकेत थीं कि जंगल क्षेत्र में अवैध खनन बेरोकटोक जारी था। ग्रामीणों ने इसकी कई बार प्रशासन से शिकायत की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
64 टन अवैध कोयला जब्त
लेकिन संगरा गांव में डंप कोयला अब भी बाहर
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 64 टन अवैध कोयला जब्त कर थाने में रखा है। हालांकि, इससे भी बड़ा सवाल यह है कि संगरा गांव में डंप भारी मात्रा में अवैध कोयला अब तक प्रशासन के कब्जे में क्यों नहीं लिया गया। यह स्थिति जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रही है।
सफेदपोश संरक्षण पर संदेह
अब तक किसी बड़े चेहरे का नाम नहीं आया सामने
इस पूरे मामले में अब तक किसी भी सफेदपोश, प्रभावशाली व्यक्ति या बड़े संरक्षक का नाम सामने नहीं आना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है। साथ ही, अन्य प्रयुक्त वाहनों, मशीनों और पूरे नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन ने कोई ठोस समय-सीमा तय नहीं की है, जिससे माफिया के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।
अवैध खनन अब भी जारी होने का आरोप
बाकारूमा वन परिक्षेत्र बना हॉटस्पॉट
सूत्रों के अनुसार, बाकारूमा वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत लालमाटी, ढोढागांव और सजवारी क्षेत्रों से आज भी अवैध कोयला खनन कर उसका परिवहन किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह कार्रवाई केवल सतही साबित होगी।




