नई दिल्ली: अगले दशक तक कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस (Coronavirus) सामान्य सर्दी-जुकाम वाला वायरस रह जाएगा. रिसर्चर मैगजीन वायरसेस (Viruses) में प्रकाशित एक स्टडी में गणितीय मॉडल के आधार पर लगाए गए अनुमान में यह दावा किया गया है. इसमें लिखा है कि मौजूदा महामारी के दौरान मिले अनुभवों से हमारा शरीर इम्यून सिस्टम में बदलाव कर लेगा.
इम्यून सिस्टम में आ रहा परिवर्तन
अमेरिका में यूटा यूनिवर्सिटी (The University of Utah) में गणित और जीव विज्ञान के प्रोफेसर फ्रेड अडलेर ने कहा, ‘यह एक संभावित भविष्य को दर्शाता है जिसके समाधान के लिए अभी तक तमाम कदम नहीं उठाए गए हैं.’ अडलेर ने कहा कि आबादी के बड़े हिस्से में मजबूत इम्यून सिस्टम (Immune System) तैयार हो जाने से अगले दशक तक कोविड-19 बीमारी की गंभीरता घटती जाएगी.
वैक्सीनेशन का भी रहेगा अहम रोल
अध्ययन में कहा गया है कि वायरस में आए बदलाव की तुलना में हमारे इम्यून सिस्टम में आए परिवर्तन की वजह से बीमारी की गंभीरता कम होती जाएगी. इस अध्ययन के मुताबिक टीकाकरण से या संक्रमण के जरिए एडल्ट्स की इम्यूनिटी बेहतर होने से अगले दशक तक इस वायरस के कारण गंभीर बीमारी नहीं होगी. हालांकि अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि इस मॉडल में बीमारी के प्रत्येक मामलों पर गौर नहीं किया गया है. उदाहरण के तौर पर अगर वायरस का नया स्वरूप इम्यून सिस्टम को भेद देता है तो कोविड-19 गंभीर रूप ले सकता है.