यहा हम कोरोना की थर्ड लेयर में लहरा रहे है…..और यहाँ न्यू ईयर पार्टी में युवक-युवती मटक मटक मटका रहे है
अम्बिकापुर।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर यानी ‘ओमिक्रोन’ के खतरे को देखते हुए देश के कई राज्यों में नाईट कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन सरगुजा जिले में स्थित छत्तीसगढ़ का शिमला कहलाने वाले मैनपाट में नए साल के अवसर पर जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग ओमिक्रोन के खतरे को भूलकर जश्न में डूबे हुए हैं। यहां साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यह खतरनाक साबित हो सकता है। दअरसल नया साल नजदीक है, लोग जश्न में डूबे हुए हैं। सरगुजा जिले के मैनपाट में इन दिनों पर्यटकों की बड़ी भीड़ देखने को मिल रही है। रात के वक्त भी लोग जश्न में डूबे नज़र आ रहे हैं। युवा वर्ग बॉलीवुड गानों की धुन पर जमकर थिराक रहा है। जैसे-जैसे नया साल नजदीक आ रहा है, मैनपाट में सैलानियों की भीड़ बढ़ती जा रही है, लेकिन नया साल का जश्न आने वाले दिनों में कहीं लोगों के लिए भारी ना पड़ जाए। इधर सरगुजा कलेक्टर ने आदेश जारी कर न्यू ईयर के अवसर पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं हॉल में आयोजित होने वाले इवेंट में क्षमता से 50 प्रतिशत लोगों के शामिल होने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बावजूद इसके लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मैनपाट में आयोजित हो रहे इवेंट में न तो कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है, और न ही लोग मास्क लगा रहे हैं। जश्न के माहौल में लोग कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुए बड़े नुकसान को भूलते दिख रहे हैं। लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही आने वाले दिनों में भारी पड़ सकती है और इसका खामियाजा नागरिकों के साथ-साथ प्रशासन को भी उठाना पड़ सकता है।



