पश्चिम एशिया युद्ध का असर: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अटकलें, सरकार बोली– फिलहाल नहीं होगी बढ़ोतरी

कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर नजर, सरकार का दावा– देश में पर्याप्त स्टॉक, सप्लाई में कोई कमी नहीं

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इस कारण यह आशंका जताई जा रही है कि खाड़ी देशों से सप्लाई चेन प्रभावित होने पर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने इन अटकलों के बीच राहत भरी जानकारी देते हुए कहा है कि फिलहाल ईंधन के दाम बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।


पर्याप्त स्टॉक होने से दाम बढ़ने की संभावना कम

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत के पास कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक नहीं हो जाती, तब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना बेहद कम है। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहेगी।

अधिकारियों का कहना है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति नहीं है। इसके अलावा Strait of Hormuz के बाहर के वैकल्पिक मार्गों से भी कच्चे तेल की खरीद तेज कर दी गई है ताकि सप्लाई प्रभावित न हो।


एटीएफ को लेकर भी घबराने की जरूरत नहीं

सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास Aviation Turbine Fuel का भी पर्याप्त स्टॉक है। भारत न केवल इसका उत्पादक है बल्कि निर्यातक भी है। इसलिए विमानन ईंधन की कमी को लेकर फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। कई देशों ने अपने ऊर्जा भंडार की स्थिति को लेकर भारत से भी संपर्क किया है।


गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी नजर

सरकार घरेलू रसोई गैस की कीमतों और आपूर्ति पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए Liquefied Petroleum Gas सिलेंडर की बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

कुछ मामलों में यह पाया गया कि जो उपभोक्ता पहले 55 दिनों में सिलेंडर बुक करते थे, वे अब 15 दिनों में ही बुकिंग करने लगे हैं। ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जा रही है।

सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और वाणिज्यिक कनेक्शन के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है। साथ ही एलपीजी की अतिरिक्त आपूर्ति के लिए Algeria, Australia, Canada और Norway जैसे देशों से भी बातचीत चल रही है।


एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी

गौरतलब है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच शनिवार को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पास बढ़ते खर्च को संभालने की पर्याप्त क्षमता है।

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