
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर घरघोड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रायगढ़ जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में घरघोड़ा पुलिस ने वनपाल से झगड़ा-विवाद और वनकर्मियों से मारपीट के मामलों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
ऑन ड्यूटी वनपाल से झड़प, दो आरोपी गिरफ्तार
पहले मामले में वन परिक्षेत्र तमनार, केराखोल पश्चिम में पदस्थ वनपाल गोपी सिंह राठिया ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी।
आवेदन के अनुसार 3 फरवरी 2026 को लैंड बैंक सर्वे के दौरान आरोपी बीरसिंह मांझी और जयकुमार मांझी मौके पर पहुंचे और पूर्व प्रकरण में जेल भेजे जाने की बात को लेकर आक्रोशित होकर शासकीय कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए डंडे से मारपीट के लिए दौड़ाए।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को ग्राम केराखोल से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बताया गया कि दोनों आरोपी पूर्व में भी वन अपराध के मामले में जेल जा चुके हैं।
वनकर्मियों से विवाद पर तीन लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
दूसरे मामले में घरघोड़ा पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम खोखरोआमा पहुंची, जहां निजी भूमि पर प्रतिबंधित वृक्ष प्रजाति की अवैध कटाई-छिलाई की सूचना मिली। मौके पर पूछताछ के दौरान प्रेमचंद राजपूत, संतोष कुमार राजपूत और राजेश राजपूत आक्रोशित होकर लोकशांति भंग करने का प्रयास करने लगे।
समझाइश के बावजूद नहीं मानने पर पुलिस ने तीनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। बाद में इनके खिलाफ धारा 126, 135(3) BNSS के तहत इस्तगासा तैयार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर तीनों को जेल भेजा गया।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में गुंडागर्दी, मारपीट और शांति भंग करने की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस का प्राथमिक दायित्व क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



