
नई दिल्ली । आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई।
वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 175 रनों की ऐतिहासिक पारी
भारतीय पारी के नायक रहे वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने महज 218.75 की विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 175 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के जड़ते हुए इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।
उनके अलावा—
कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन
अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन
वेदांत त्रिवेदी ने 32 रन
उपकप्तान विहान मल्होत्रा ने 30 रन
ऑलराउंडर कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाए
इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो ने 3 विकेट लिए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को 2-2 सफलताएं मिलीं।
इंग्लैंड की कोशिश नाकाम, भारत की घातक गेंदबाजी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम को अच्छी शुरुआत जरूर मिली।
बेन डॉकिन्स ने 66 रन
बेन मायर्स ने 28 गेंदों में 45 रन
कप्तान टॉमस रेव ने 31 रन
जेम्स मिंटो ने 28 रन बनाए
अंत में कालेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 7 छक्के शामिल थे, लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
भारत की ओर से—
आर.एस. अंबरीश ने 3 विकेट
कनिष्क चौहान और दीपेश देवेंद्रन ने 2-2 विकेट झटके
छठी बार विश्व विजेता बना भारत, आयुष म्हात्रे का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज
भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। 2026 की जीत के साथ भारत ने छठी बार यह खिताब अपने नाम किया।
टीम इंडिया अब तक 10 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खेल चुकी है, जिनमें से 6 बार खिताब जीतने में सफल रही है। वहीं, इंग्लैंड का 28 वर्षों बाद चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह गया।
यह जीत भारतीय क्रिकेट के मजबूत भविष्य और युवा प्रतिभाओं की ताकत को एक बार फिर साबित करती है।



