
छत्तीसगढ़। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले का असर अब प्रदेश के पर्यटन उद्योग पर दिखने लगा है। टूरिज्म और ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में ही लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। होली की लंबी छुट्टियों के लिए विदेश यात्रा की बुकिंग करने वाले यात्रियों ने युद्ध की स्थिति को देखते हुए अपने टिकट रद्द कर दिए, जिससे एजेंसियों के कारोबार पर सीधा असर पड़ा।
दुबई और अन्य कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रभावित
छत्तीसगढ़ से यूरोप, यूके और अमेरिका जाने वाली अधिकांश फ्लाइट्स दुबई, अबूधाबी, कतर, दोहा और ओमान के माध्यम से कनेक्ट होती हैं। युद्ध की स्थिति के कारण इन मार्गों पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यदि एयरलाइन ही उड़ान रद्द करती है तो यात्रियों को पूरा रिफंड मिलता है, लेकिन यदि यात्री स्वयं टिकट कैंसिल करता है, तो कुछ राशि कट जाती है।
विदेश यात्रा के बजाय घरेलू विकल्पों की ओर रुझान
टूरिज्म उद्योग के जानकारों के अनुसार, कई पर्यटक अब विदेश जाने के बजाय भारत के पर्यटन स्थलों जैसे गोवा, केरल, कश्मीर और उत्तराखंड को प्राथमिकता दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों को बड़ी संख्या में घरेलू यात्रा संबंधी जानकारी और बुकिंग की मांग मिल रही है।
ट्रैवल एजेंट्स ने दी जानकारी
छत्तीसगढ़ ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के भरत देव ने बताया कि होली के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपनी विदेश यात्रा रद्द की। वहीं, व्यास ट्रैवल्स की संचालक कीर्ति व्यास ने कहा कि होली के समय लगभग 50 प्रतिशत फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जिससे करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
भविष्य की चिंता: समर वेकेशन
टूरिज्म सेक्टर के लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि युद्ध की स्थिति मई-जून तक समाप्त नहीं हुई, तो छत्तीसगढ़ की ट्रैवल एजेंसियों को 200 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। हालांकि अभी समर वेकेशन के लिए बुकिंग कराने वाले यात्री अपने टिकट कैंसिल नहीं कर रहे, लेकिन वे लगातार स्थिति अपडेट और रिफंड विकल्प पूछ रहे हैं।




