परिजनों की शिकायत के बाद थाना पूंजीपथरा में दर्ज हुआ मामला
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से छेड़खानी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। घटना की रिपोर्ट 9 मार्च को बालिका के परिजनों द्वारा थाना पूंजीपथरा में दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
- परिजनों की शिकायत के बाद थाना पूंजीपथरा में दर्ज हुआ मामला
- शादी समारोह के दौरान पड़ोसी युवक पर लगाया गया आरोप
- बालिका के बयान के आधार पर दर्ज हुआ अपराध
- भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
- आरोपी को न्यायालय में पेश कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
- पुलिस की अपील, बच्चों से जुड़े मामलों की तुरंत सूचना दें
शादी समारोह के दौरान पड़ोसी युवक पर लगाया गया आरोप
परिजनों की शिकायत के अनुसार, घर से लगे परिवार में शादी का कार्यक्रम चल रहा था और घर में कई मेहमान मौजूद थे। 8 मार्च 2026 की रात लगभग 9.30 बजे नाबालिग बालिका घर के बाहर बैठी थी, जो कुछ समय बाद आसपास दिखाई नहीं दी। परिजनों ने तलाश शुरू की और पड़ोसी युवक के घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने पर युवक ने बालिका के वहां नहीं होने की बात कही, लेकिन संदेह होने पर परिजन अंदर गए तो बालिका कमरे से रोते हुए बाहर आई।
बालिका के बयान के आधार पर दर्ज हुआ अपराध
बालिका ने बताया कि पड़ोसी युवक आकाश मांझी उसे जबरन पकड़कर अपने कमरे में ले गया था। परिजनों की आवाज सुनकर वह वहां से बाहर निकल सकी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
मामले में थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 36/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 351(3) तथा POCSO Act की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बालिका का बयान दर्ज कराकर मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
आरोपी को न्यायालय में पेश कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
पूछताछ के दौरान आरोपी आकाश मांझी (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच आगे जारी रखी है।
पुलिस की अपील, बच्चों से जुड़े मामलों की तुरंत सूचना दें
जिले के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा और गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखें। बच्चों से जुड़े किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी मिलने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।


