उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को बड़ा झटका, अब साल में सिर्फ 4 सिलेंडर पर मिलेगी सब्सिडी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती करते हुए वार्षिक कोटा 9 से घटाकर 4 सिलेंडर कर दिया है। नए निर्णय का असर देशभर के लाखों परिवारों पर पड़ने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, योजना शुरू होने के समय लाभार्थियों को एक वर्ष में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई थी और अब इसे और कम करते हुए 4 सिलेंडर तक सीमित कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखकर लिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। 7 जून को रसोई गैस के दाम में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई थी, जिसके बाद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को इस निर्णय का प्रमुख कारण बताया है। अधिकारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में गैस की कीमतों में तेजी आने से सब्सिडी का बोझ लगातार बढ़ रहा था।
हालांकि उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी फिलहाल जारी रहेगी, लेकिन अब यह लाभ केवल चार रिफिल तक ही सीमित रहेगा। इससे अधिक सिलेंडर लेने पर उपभोक्ताओं को पूरा बाजार मूल्य चुकाना होगा।



