
SMC गाइडलाइंस 2026 पर शिक्षा मंत्रालय की सफाई, सभी स्कूलों पर लागू नहीं होंगे नए नियम
नई दिल्ली। स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) गाइडलाइंस 2026 को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच शिक्षा मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नए दिशा-निर्देश देश के सभी स्कूलों पर लागू नहीं होंगे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निजी गैर-अनुदानित (Private Unaided) स्कूल, जो सरकार या स्थानीय निकाय से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं करते हैं, इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे।
क्या है शिक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण?
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार SMC गाइडलाइंस 2026 का मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन में अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ाना है। साथ ही स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी इसका लक्ष्य है।
मंत्रालय ने कहा कि निजी गैर-अनुदानित स्कूलों को इन नियमों से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें स्वेच्छा से स्कूल प्रबंधन समिति गठित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विद्यालय प्रबंधन में बढ़ेगी भागीदारी
मंत्रालय का मानना है कि शिक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें विद्यालय, अभिभावक और समुदाय की भी समान भागीदारी होनी चाहिए। सभी हितधारकों के सहयोग से ही बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के परिणामों में सुधार संभव है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया था लॉन्च
गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसी महीने SMC गाइडलाइंस 2026 को लॉन्च किया था। नई व्यवस्था के तहत बालवाटिका से लेकर कक्षा 12वीं तक के लिए एकीकृत स्कूल प्रबंधन समिति (Unified SMC) की अवधारणा पेश की गई है।
सरकार का मानना है कि इससे स्कूल प्रशासन और निर्णय प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी तथा विभिन्न स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
नई गाइडलाइंस की प्रमुख बातें
- विद्यालय प्रबंधन में अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी बढ़ाना।
- स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- बालवाटिका से कक्षा 12वीं तक एकीकृत SMC व्यवस्था लागू करना।
- छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष निगरानी।
- वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के उपयोग की निगरानी को मजबूत करना।
- विद्यालयों के समग्र विकास में समुदाय की भूमिका बढ़ाना।
निजी स्कूलों को लेकर भ्रम हुआ दूर
शिक्षा मंत्रालय की इस सफाई के बाद निजी गैर-अनुदानित स्कूलों में नए नियमों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। मंत्रालय ने दोहराया है कि इन संस्थानों पर SMC गाइडलाइंस अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगी, जबकि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में इनका पालन किया जाएगा।


