आपदा को अवसर बनाकर जिले में खाद्य सामग्रियों की होने लगी कालाबाजारी।

कोरिया – जिले मे बढ़ते कोरोना केस के चलते प्रशासन द्वारा तत्परता दिखाते हुए कोविड -19 संक्रमण के रोकथाम हेतु समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किया जा रहा है। परंतु कोरोना की तीसरी लहर की आपदा को अवसर मानकर कोरिया जिला के खाद्य सामग्रियों के व्यापारियों द्वारा कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की गई है। जब कुछ फुटकर दुकानदारों से खाद्य सामग्रियों के कीमतों पर वृद्धि का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि खाद सामग्रियों की कमी हो गई है, हमें थोक दुकानदारों से माल महंगा प्राप्त हो रहा है।
‌ “आपकी आवाज” की टीम ने जब खाद्य सामग्रियों के कीमतों के बारे मे जानने के लिए बाजार के फुटकर दुकानदारों और आम नागरिकों से पड़ताल किया तो हमने पाया कि आज से कुछ दिनों पहले रिफाइंड तेल जहां ₹130 से लेकर ₹135 बिक रहा था वह तेल आज ₹150 से लेकर ₹155 लीटर तक बिक रहा है, वहीं विभिन्न प्रकार की दलों में ₹5 से ₹10 तक की वृद्धि हुई है, गेंहू और चावलों में ₹2 से ₹5 तक की वृद्धि हुई है, शक्कर मे ₹2 से ₹5 तक की वृद्धि पाई गई है।
सिगरेट गुटखा गुडाखु
‌ अब जब किराना सामान में इतनी वृद्धि हो ही रही थी तो सिगरेट गुटका गुड़ाखू के व्यापारि क्यूँ पीछे रहते। राजश्री व अन्य ब्रांड की गुटखा प्रति पूड़ा ₹20 से ₹10, विभिन्न ब्रांड के सिगरेट प्रत्येक पैकेट ₹5 से ₹10 और विभिन्न ब्रांड के गुड़ाखू ₹350 से लेकर ₹400 पेटी महंगे हुए हैं।
अभी तक तो जिले में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन द्वारा थोड़ी सख्ती की गई है तो व्यापारियों द्वारा खाद्य सामग्रीयों की साटेजी बता कर कीमतों मे बेतहाशा वृद्धि कर खाद्य सामग्रियों की कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि अगर जिले में लॉकडाउन लगता है तो खाद्य समग्रीयों की कीमतें आने वाले समय में आसमान छूने लगेगी और उसकी कीमत महंगाई की मार झेल रही आम जनता को ही चुकानी पड़ेगी।
हमारी जिला प्रशासन से यह मांग है कि खाद्य समग्रीयों के अवैध भंडारण करने वालो के ऊपर कार्यवाही कर खाद्य समग्री की कालाबाजारी को रोका जाए।

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