
ऑपरेशन के बाद आरक्षक की मौत, परिजनों का अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
बिलासपुर, 1 मई 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी सत्यकुमार पाटले (36) सरकंडा थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। 26 अप्रैल को पेट में तेज दर्द होने पर वे इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचे, जहां जांच में पथरी की पुष्टि होने पर ऑपरेशन किया गया।
29 अप्रैल को सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने मरीज की हालत सामान्य बताई थी, लेकिन अगले दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके बाद शनिवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप — इलाज में लापरवाही
मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को खांसी की शिकायत हुई थी, लेकिन कई घंटों तक उचित इलाज नहीं किया गया, जिससे हालत गंभीर हो गई।
FIR की मांग, कार्रवाई की चेतावनी
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन सफल रहा था और मरीज की स्थिति सामान्य थी। अचानक हार्ट अटैक आने के कारण उसकी मौत हुई है और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।


