जली हुई महिला की लाश के अंधे कत्ल का खुलासा, प्रेमी गिरफ्तार

रायगढ़, 21 जून 2026। रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली महिला की लाश के अंधे कत्ल की गुत्थी महज 72 घंटे में सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की मदद से मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार 17 जून को मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिला था। शव के आसपास घसीटने के निशान भी पाए गए थे। मामले में पूंजीपथरा पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान मृतिका की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी बीच जशपुर जिले के ग्राम बोरो से पहुंचे दो युवकों ने शव और बरामद कपड़ों की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में की, जो पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी करती थीं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतिका का प्रेम संबंध इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) से था। दोनों पिछले कुछ महीनों से पूंजीपथरा की लक्ष्मी कॉलोनी में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। आरोपी को जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी ने बताया कि मृतिका उस पर दूसरी पत्नी रखने का संदेह करती थी, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जून को दोनों साथ निकले और रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में आरोपी ने मृतिका की साड़ी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया। बाद में पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले गया और पहचान छिपाने के उद्देश्य से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस तथा घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, पीएसआई मनीष पोया सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर रायगढ़ पुलिस त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है तथा अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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