
ड्रोन निगरानी से टला बड़ा हादसा, हाथियों के करीब पहुंच रहे युवकों पर होगी कार्रवाई
रायगढ़। छाल वन परिक्षेत्र में हाथियों के एक बड़े दल की निगरानी के दौरान वन विभाग की सतर्कता से संभावित बड़ा हादसा टल गया। ड्रोन मॉनिटरिंग के दौरान कुछ युवक प्रतिबंधित वन क्षेत्र में घुसकर हाथियों के बेहद करीब पहुंचने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए। पूरी घटना ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर वन विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
52 हाथियों के दल की हो रही थी निगरानी
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में 52 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा था, जिसमें कई मादा हाथियों के साथ शावक भी शामिल थे। वहीं एक दंतैल हाथी भी आसपास मौजूद था। वन अमला ड्रोन कैमरे के जरिए लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए था।
मनाही के बावजूद जंगल में घुसे युवक
निगरानी के दौरान कुछ युवक मोटरसाइकिल से आरक्षित वन क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दिए। खतरे की जानकारी और वन अमले की चेतावनी के बावजूद वे जंगल के भीतर प्रवेश कर हाथियों की दिशा में आगे बढ़ते रहे। बाद में उनके साथ अन्य युवक भी जुड़ गए।
वन अधिकारियों के अनुसार युवक हाथियों के काफी करीब पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। आशंका है कि वे वीडियो बनाने या सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के उद्देश्य से ऐसा कर रहे थे।
ड्रोन देखकर मौके से भागे
स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब एक दंतैल हाथी युवकों की दिशा में बढ़ने लगा। इसी दौरान ड्रोन कैमरा उनके ऊपर पहुंचा, जिससे उन्हें अपनी गतिविधियां रिकॉर्ड होने का आभास हुआ और वे घबराकर वहां से भाग निकले।
वन विभाग का मानना है कि यदि कुछ और देर होती तो हाथी का हमला गंभीर हादसे का कारण बन सकता था।
वन अपराध प्रकरण दर्ज
मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने अज्ञात युवकों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। ड्रोन फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है तथा उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे हाथियों और अन्य वन्यजीवों के करीब जाने, उनका पीछा करने, फोटो-वीडियो बनाने या उन्हें परेशान करने का प्रयास न करें। ऐसी गतिविधियां कानूनन अपराध होने के साथ-साथ जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों को परेशान करने वालों पर भविष्य में भी ड्रोन निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


