
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 2677 करोड़ रुपये जारी, आवास निर्माण कार्यों को मिलेगी गति
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत प्रदेश में आवास निर्माण कार्यों को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बड़ी राशि जारी की है। केंद्रीय और राज्यांश मद से सभी जिलों को कुल 2677.15 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों के पक्के मकानों का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार आवास निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राशि को एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से जिलों तक पहुंचाया गया है। इससे भुगतान प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाया जा सकेगा।
प्रतिदिन बन रहे 1600 से अधिक पक्के मकान
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत बड़े पैमाने पर आवास निर्माण कार्य जारी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
वर्ष 2025-26 के दौरान ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने इस योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है।
महिला समूहों को भी मिल रहा लाभ
योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य गतिविधियों से जुड़कर हजारों महिलाएं आजीविका अर्जित कर रही हैं। इनमें 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी हैं।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और डिजिटल सुविधा पर जोर
आवास योजना के तहत नवाचार को बढ़ावा देते हुए 1.5 लाख से अधिक मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1290 संचालित की जा रही है।
ग्राम पंचायत स्तर पर क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी विकसित की गई है, जिससे योजना से संबंधित जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंच सके।
बेहतर जीवन की दिशा में पहल
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन का आधार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिल रही है।


