रायगढ़. जिला मुख्यालय से करीब ६० किलोमीटर दूर डोंगीपानी ऐसा गांव है। जहां राष्ट्रीय पर्व १५ अगस्त और २६ जनवरी को पूरी तमन्यता के साथ मनाई जाती है। यहां प्रत्येक घरों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है। झंडा फहराने की जिम्मेवारी घर के नारी शक्ति की होती है। निर्धारित समय में सभी अपने घर के बाहर लगे झंडे को फहराते हैं। पिछले करीब तीन साल से यह परंपरा चल रही है। इस कार्य की शुरुआत यहां के प्राथमिक स्कूल के शिक्षक ने की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के समय बच्चे स्कूल नहीं आते थे। घरवाले भी भेजने से कतराते थे। ऐसे में उन्होंने राष्ट्रीय पर्व आने से कुछ दिन पहले ही गांव के लोगों की बैठक गांव में ही की। वहीं राष्ट्रीय पर्व के महत्व को समझाया। साथ ही प्रत्येक घरों में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने की बात कही। इसे गांव के लोगों ने भी सहर्ष स्वीकार किया। तब से इस गांव में १६ जनवरी और १५ अगस्त का पर्व अन्य सभी पर्वों के सामने बौना हो गया। गांव के बड़े-बुजुर्ग और बच्चे राष्ट्रीय पर्व की तैयारी एक दिन पहले ही कर लेते हैं। सुबह निर्धारित समय में घर की महिलाएं झंडा फहराती है। उत्सव का रहता है माहौल
राष्ट्रीय पर्व में पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहता है। कई लोग तो झंडा के नीचे रंगोली बनाते हैं। वहीं गांव को भी सजाया जाता है। सुबह परिवार के बड़ों के साथ बच्चे झंडा फहराने के लिए घर के बाहर आ जाते हैं। झंडा फहराने के बाद शहीदों को याद करते हुए नारे लगाते हैं। नहीं छूटती कोई भी गली डोंगीपानी गांव बारादावन ग्राम पंचायत का आश्रत गांव है। इस गांव में करीब ४५ से ५० परिवार ही रहते हैं। सभी परिवार राष्ट्रीय पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं। घर के बाहर झंडा फहराने के साथ प्रत्येक लोगों के पास छोटा-छोटा झंडा भी होता है। वर्सन पिछले करीब तीन वर्षों से यह कार्य किया जा रहा है। गांव के प्रत्येक घरों की महिलाएं राष्ट्रीय पर्व के दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। दिन भर गांव में उत्साह का आलम रहता है। शशि कुमार बैरागी, शिक्षक, प्राथमिक शाला डोंगीपानी