
राष्ट्रीय स्तर पर चमका सरडीह, 25 लाख रुपये के पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित
जशपुरनगर। बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरडीह ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। पंचायत को भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के तहत “स्वच्छ एवं हरियाली ग्राम” श्रेणी में देशभर में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है।
नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में ग्राम पंचायत सरडीह के सरपंच रामजी राम भगत एवं सचिव ईश्वर प्रसाद यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय सहित जिले के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने दी बधाई
कलेक्टर रोहित व्यास ने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि सरडीह की सफलता जनभागीदारी और सतत विकास के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
स्वच्छता और हरियाली बनी पहचान
करीब 454 परिवारों वाले सरडीह गांव में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। गांव के सभी घरों में शौचालय उपयोग सुनिश्चित किया गया है तथा नियमित सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। जल संरक्षण के लिए सोखता गड्ढों का निर्माण कर भूजल स्तर सुधारने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।
सौर ऊर्जा से मिली नई दिशा
ग्राम पंचायत में 109 घरों में सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। वहीं 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा दे रही हैं।
गांव के किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर टमाटर, मिर्च, खीरा सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय पुस्तक में भी मिला स्थान
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रकाशित “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” पुस्तक में भी सरडीह पंचायत के स्वच्छता, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यों को विशेष स्थान दिया गया है।
सरडीह पंचायत को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रामीण विकास, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।


