लगातार बारिश से गंगरेल समेत चार प्रमुख जलाशयों में बढ़ा जलभराव

महानदी परियोजना के जलाशयों में लगातार बढ़ रहा जलस्तर, सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मिलेगा लाभ

धमतरी, 10 जुलाई। महानदी परियोजना (एमआरपी कॉम्प्लेक्स) अंतर्गत गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर जलाशयों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर और जलभराव में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग द्वारा 9 जुलाई 2026 को जारी जलस्तर प्रतिवेदन के अनुसार सभी प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में लगातार जल आवक बनी हुई है, जिससे आगामी दिनों में सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय का पूर्ण जलभराव स्तर (एफआरएल) 347.75 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में जलाशय का जलस्तर 343.75 मीटर दर्ज किया गया है। जलाशय में लगभग 399.81 मिलियन घनमीटर अर्थात करीब 74.68 प्रतिशत लाइव स्टोरेज उपलब्ध है। पिछले 24 घंटों के दौरान लगातार जल आवक के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

मुरूमसिल्ली जलाशय का वर्तमान जलस्तर 423.21 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। जलाशय में लगभग 206.66 मिलियन घनमीटर, यानी 72.74 प्रतिशत लाइव स्टोरेज उपलब्ध है। लगातार वर्षा के चलते यहां भी जल आवक बनी हुई है।

दूधावा जलाशय में वर्तमान जलस्तर 1388.48 मीटर दर्ज किया गया है। जलाशय में लगभग 137.98 मिलियन घनमीटर जल संग्रहित है और यहां भी लगातार पानी की आवक जारी है।

इसी प्रकार सोंढूर जलाशय का वर्तमान जलस्तर 468.30 मीटर दर्ज किया गया है। जलाशय में लगभग 137.89 मिलियन घनमीटर जल संग्रहित है तथा बारिश के कारण इसमें भी निरंतर जल आवक बनी हुई है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महानदी परियोजना के सभी प्रमुख जलाशयों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि मानसून की सक्रियता इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में जलभराव में और वृद्धि होने की संभावना है। विभाग द्वारा सभी जलाशयों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार जल प्रबंधन से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे।

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