नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोनम वांगचुक का अनशन 17वें दिन भी जारी, स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली, 15 जुलाई। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक का आमरण अनशन मंगलवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार जारी भूख हड़ताल के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है।

सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है।

वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने चिंता जताई है तथा उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह और लेखिका अरुंधति रॉय समेत कई प्रमुख व्यक्तियों ने उनकी मांगों पर सरकार से संवाद शुरू करने की आवश्यकता बताई है।

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी भी जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर चुकी हैं। वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए जंतर-मंतर पहुंचने की घोषणा की है।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय तक जारी अनशन का असर अब वांगचुक के स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से वार्ता शुरू कर मामले का समाधान निकालने की अपील की है।

उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक संरक्षण देने की मांग को लेकर भी आंदोलन कर चुके हैं। अब वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।

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