कांति नाग का पूर्व विधायक भोजराज नाग पर हमला किसी महिला पर मुर्दाबाद का नारा लगाना ओछी मानसिकता का परिचायक–

पखांजुर से बिप्लब कुण्डू-9.4.22

कांति नाग का पूर्व विधायक भोजराज नाग पर हमला किसी महिला पर मुर्दाबाद का नारा लगाना ओछी मानसिकता का परिचायक–

पखांजुर।
नवरात्र में महिलाओं को देवी स्वरूप माना गया है।खुद को मां शीतला का पुजारी बताने वाले भोजराज सिर्फ राजनीति फायदे के लिए दिखावा करते हैं।
अंतागढ़ के ग्राम पंचायत कलेपरस के आश्रित ग्राम आमाकड़ा जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र है मैं आयोजित झलमलको लया लयोर गोटुल रच्चा उत्सव में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल का आगमन हुआ था, किन्तु यह कार्यक्रम शुरू से विवादों से घिरा रहा।
बता दें आदिवासी संस्कृति एवं संरक्षण के लिए किए गए इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कुछ लोग एवं विपक्षी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा इस कार्यक्रम को सामाजिक कार्यक्रम बताकर एवं समाज के लोगों को विश्वास में लिए बिना कराने का आरोप लगाकर विरोध किया गया, यही नही अन्तागढ़ के पूर्व विधायक भोजराज नाग एवं कुछ भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के विरोध किया गया जिसकी वजह से उन्हें फारेस्ट रेस्ट हाउस एवं भानुप्रतापुर थाने में पुलिस द्वारा रखा गया, अन्तागढ़ में कांति नाग जो जनजाति समूह की शिक्षा व संस्कृति की सदस्य भी हैं उनके खिलाफ पूर्व विधायक भौजराज नाग द्वारा मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।
कांति नाग ने भाजपा नेताओं के इस राजनीति पर पलटवार किया है, उन्होंने आज प्रेस नोट जारी किया जिसमें उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक भोजराज नाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, भाजपा के रास्ट्रीय नेता महिला शशक्ति करण की बात करते हैं किंतु वहीं भाजपा के नेता द्वारा एक महिला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाया जाता है।
उन्होंने कहा भोजराज नाग का महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार है ये जग जाहिर है, नरसों बाई का मामला हो या अन्य मामले में भोजराज नाग खुद अपने गिरेबान में झांक लें तो बेहतर होगा, कांति नाग ने कहा मुर्दाबाद का नारा लगाने सिर्फ मेरे खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगाना नही है, पुरी नारी शक्ति का अपमान है।
भौजराज खुद को पुजारी मानते हैं पर अभी जब नवरात्रि चल रही है और मां दुर्गा जो नारी शक्ति का स्वरूप माना गया है ऐसे में किसि महिला के खिलाफ ऐसा अभद्र भाषा का प्रयोग कर नारा लगाना मां दुर्गा सहित पूरे माताओं और बहनों का अपमान है।
कांति नाग ने बताया कि वो आदिवासी संस्कृति में युवा युवतियों के विकास के लिए 1990 से कार्य कर रही हैं, यही वजह है इस कार्यक्रम में पूरे बस्तर सम्भाग से आदिवासी युवा व युवतियां आई हुई थी, यही नही इस आयोजन में पुरुस्कार उनके बेटे कौशल नाग के नाम से उनके स्वयं के द्वारा दिया गया जो करीब 2 लाख रुपये था, उन्होंने कहा भोजराज चाहे जिस एजेंसी से जांच कराना है करा सकते हैं करा लें।
कांति नाग ने कहा भाजपा के नेता हमेशा धर्म की राजनीति करते आये हैं, अन्तागढ़ विधानसभा में हो रहे विकास कार्यों से ये बौखला गए हैं क्योंकि इनके पिछले 15 सालों की सत्ता में इन्होंने आदिवासि जनजाति के युवा युवतियों के विकास के लिए कुछ नही किया, आज जब आदिवासी समाज के लोग समझने लगे है और भाजपा का असली चेहरा उन्हें दिखाई देने लगा है तो ऐसे आयोजनों का विरोध कर उसे गलत ठहराने की कोशिश की जा रही है।
कांति नाग ने भोजराज नाग को खुली चुनौती देते हुए कहा की आदिवासी संस्कृति एवं सभ्यता के विषय में अगर उन्हें मुझसे बहस करनी है तो मीडिया के सामने वह करने को तैयार हैं , आदिवासी संस्कृति और सभ्यता के बारे में उन्हें कितनी जानकारी है और वह आदिवासियों के हितैसी बनाने का कितना दिखावा करते हुए आदिवासियों को सिर्फ गुमराह कर रहे हैं यह बात लोग जान जाएंगे ।
कांति नाग ने कहा कि समाज के दो चार लोगों को गुमराह कर ये कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले आदिवासी पेनकड़ा देवी देवता एवं गायता पुजारियों से अनुमति नही ली गई, जो सरासर झूठ है, हमने धनोरा के देव गुड़ी में बकायदा नियमतः चावल डालकर पुजारियों के समक्ष देवताओं से अनुमति ली थी।
बिना पृरी जानकारी के ऐसे आदिवासी सांस्कृतिक आयोजन का विरोध करने वाला कोई आदिवासी नही हो सकता वो सिर्फ राजनीति रोटी सेंकने वाला बहुरूपिया ही हो सकता है जो ऐसे पोर्पोगेंडा कर रहा है।
किसी महिला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए है जिसकी सामाजिक बैठक होगी जहां भोजराज नाग को जवाब देना होगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button