
पंजाब में एक युवती के साथ 11 साल तक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। अब पीड़िता को दुबई में बेचने की तैयारी चल रही थी। इस बीच मौका पाकर वह आरोपियों के चंगुल से भाग निकली। पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
एक युवती से 11 साल तक दुष्कर्म होता रहा। पहले तो डर के कारण वह बर्दाश्त करती रही लेकिन अब आरोपियों ने उसे दुबई बेचने की तैयारी कर डाली थी। किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर पीड़िता पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया, जिनकी पहचान कुलदीप सिंह, हरजीत सिंह, गुरमेल सिंह, हरदीप कौर, मनप्रीत कौर सभी निवासी गांव भोकड़ा गोनियाना मंडी जिला बठिंडा के रूप में हुई है।
सूत्रों का कहना है कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने बताया कि पहली बार जब उसके साथ दुष्कर्म हुआ तो उसकी उम्र महज 14 साल थी। अब उसकी उम्र 25 साल है। 11 साल तक उसने यह नर्क झेला है। उसे नहीं पता कि उसके माता-पिता कौन हैं और कहां हैं। जब से उसने होश संभाला खुद को अकेला ही पाया।
चंडीगढ़ के एक मंदिर में रहती थी। कभी झाड़ियों में सो जाती थी तो कभी फुटपाथ पर। गुरुद्वारे में लंगर खाकर पेट भरती थी। 2011 में जब वह 14 साल की थी तो कुलदीप सिंह नामक व्यक्ति उसे मिला। उसने उसके साथ जान पहचान बना ली। वह जब भी बठिंडा से अपने दोस्तों के साथ यहां घूमने आता तो जरूर मिलता। फिर वह उसे बठिंडा ले गया, जहां उसने पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे एक कमरे में रखा। कुछ समय बाद उसने अपने दोस्तों को भी उस कमरे में बुलाना शुरू कर दिया और नशा देकर सामूहिक दुष्कर्म कराता रहा।
कुलदीप ने उससे शादी का वादा किया था। इसी भरोसे पर वह उसके साथ चली गई। लेकिन उसने उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने की साजिश रच डाली। बकौल पीड़िता, कुछ समय बाद वह उसे बलटाना ले आया। एक कमरा दिलाया और यहां भी शारीरिक शोषण का सिलसिला शुरू हो गया। रोजाना अलग-अलग लोगों को लाने लगा।
बार-बार दुष्कर्म करते रहने के कारण वह गर्भवती हो गई और 28 दिसंबर 2015 को उसने पहले बेटे को जन्म दिया। इसके बाद पीड़िता ने कुलदीप के जुर्म का विरोध किया तो उसने अपने दोस्तों को भी घर लाना शुरू कर दिया। उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने में कुलदीप की मां और भाभी भी शामिल थी।
कुलदीप व उसके चार दोस्तों ने उससे मारपीट शुरू कर दी। वे उसके बेटे को मारने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करते रहे। नतीजा, 26 मई 2021 को उसने दूसरे बेटे को जन्म दिया। पीड़िता ने बताया कि जब भी वह विरोध करती तो उसके बेटों को नहर में फेंकने की धमकी देकर डरा दिया जाता।
24 नवंबर 2020 को वह बठिंडा ले जाकर उसे दुबई बेचने की साजिश रचने लगे। इस बीच पीड़िता आरोपियों के चंगुल से भागने में कामयाब हो गई और पुलिस को शिकायत दे दी। जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं।




