
दिनेश दुबे
आप की आवाज
*जनसुनवाई में ग्रामीणों ने जताई नाराजगी* *नवागढ़ के मुड़पार में उद्योग का विरोध*
*कुर्सी में बंधी जनता, पिंजरे में कैद अधिकारी, जनसुनवाई में दिखी प्रशासन की लाचारी*
बेमेतरा=नवागढ़ ब्लाक के ग्राम मुड़पार में प्रस्तावित इस्पात उद्योग के लिए पर्यावरण विभाग द्वारा गुरुवार को जनसुनवाई आयोजित की गई थी, इस जनसुनवाई के लिए सुनवाई स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, जांच एयरपोर्ट से अधिक तगड़ी थी, अपर कलेक्टर एडिशनल एसपी ने पूरा मोर्चा संभाल रखा था, बेमेतरा जिले के सभी थाना खाली कर दिए गए थे, सुनवाई के लिए बने पंडाल को देखकर लोग समझ गए की तैयारी क्या है, जालीदार हाल में कूलर की हवा बोतल की पानी रखकर बैठे अधिकारी किसकी ड्यूटी कर रहे थे यह भोजन का पैकेट ही बता दिया था, आम जनता की भीड़ अधिक न हो एक दूसरे से बात न कर सके इस उद्देश्य से कुर्सियों को नीचे पाइप से बांधकर रखा गया था, इससे संदेश गया की कुर्सी बंधी है ।
*बरसे सभी बारी बारी*
मुड़पार में प्रस्तावित उद्योग के खिलाफ पूर्व मंत्री दयालदास बघेल ने प्रोजेक्ट को लेकर हमला किया,बघेल ने कहा की प्रोजेक्ट में आगर नदी से पानी लाने एवम नदी की दूरी दस किलोमीटर बताई गई है यह प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा झूठ है, जिसने यह प्रोजेक्ट तैयार की उस पर 420 कूट रचना का अपराध दर्ज हो , पूर्व जनपद उपाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी ने कहा की जनसुनवाई के नाम पर सब कुछ पहले से तय कर दिया गया है, लोगो को आने से रोकने खाकी ने सड़क से सभा स्थल तक मोर्चा संभाल रखा है, मुड़पार के आसपास दस ग्रामों में बुधवार की रात शराब कबाब का वितरण किसके द्वारा किया गया लोग समझ गए है, चतुर्वेदी ने उद्योग के खिलाफ कोर्ट जाने किसानों को आह्वान करते हुए सभी खर्च वहन करने का भरोसा दिया, जिला पंचायत सदस्य राहुल टिकरीहा, अंजू बघेल ,कांग्रेसी नेता ईश्वर लोधी जनपद उपाध्यक्ष रितेश शर्मा ने उद्योग के खिलाफ आपत्ति दर्ज की , मुड़पार की महिलाओ ने गंभीर जलसंकट का हवाला देते हुए हर स्तर पर उद्योग का विरोध करने का संकल्प दोहराया।
*कोई जवाब नहीं*
जनसुनवाई में वक्ताओं ने पूछा जिस प्रोजेक्ट पर जनसुनवाई हो रही है वह है क्या क्यों आम लोगो को नही बताया जा रहा है
प्रोजेक्ट में उन बातो का उल्लेख क्यों नही किया गया है जिससे जनजीवन प्रभावित होगी
आगर नदी से पानी लाने पाइप ,राज्य सरकार से बिजली लेने टावर किसके छाती पर गड़ाई जाएगी प्रोजेक्ट में नही बताया गया है
दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले 60 हजार से अधिक आबादी के स्कूल अस्पताल पर क्या असर होगा कोई उल्लेख नहीं है
77 एकड़ रकबे में प्रस्तावित उद्योग के निकट जिन किसानों की खेती है वे खेती किसका करेंगे इसका उल्लेख नहीं है





