छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज: कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ की चेतावनी, रायपुर में बरसे बादल
छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में अगले 5 दिनों तक मौसम का रुख ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं (अंधड़) चलने के आसार हैं। इसी क्रम में सोमवार शाम राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले के कई शहरी व ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
रायपुर (माना) में पारा 42.6 डिग्री सेल्सियस के पार, पेंड्रा रोड रहा सबसे ठंडा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा या विशेष उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान रायपुर के माना क्षेत्र में **42.6°C** रिकॉर्ड किया गया, जिसके चलते दिन में उमस और तपिश बरकरार रही। वहीं, राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में **23.2°C** दर्ज किया गया, जिससे वहां रातों में अच्छी ठंडक महसूस की जा रही है।
राजधानी रायपुर में मौसम का हाल: धूलभरी आंधी के बाद हुई बारिश
मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए पहले ही आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ तेज धूलभरी आंधी चलने और बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की थी। सोमवार को ठीक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब दोपहर बाद अचानक घने बादल घिरे और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। आने वाले एक-दो दिनों में रायपुर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है, जिससे हवा में नमी और शाम के वक्त मौसम खुशनुमा रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों की सलाह: अंधड़ और बिजली चमकने पर बरतें सावधानी
आगामी 5 दिनों के लिए जारी चेतावनी को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि जब भी तेज आंधी चले या बिजली चमकने की स्थिति बने, तब बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे मकानों के नीचे शरण लेने से बचें। ग्रामीण अंचलों में किसानों को भी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और मौसम खराब होने पर खेतों में न जाने की हिदायत दी गई है।



