छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस पर मस्जिदों-मदरसों में तिरंगा फहराने का निर्देश, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के आयोजन की अपील
रायपुर, 14 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने प्रदेश की मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में राष्ट्रीय पर्व से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन की व्यवस्था करने को कहा गया है।
वक्फ बोर्ड के सीईओ की ओर से जारी पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का हवाला दिया गया है। इसमें 15 अगस्त को मस्जिदों और मदरसों सहित संबंधित वक्फ संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।
3,300 से अधिक मस्जिदों तक पहुंचेगा निर्देश
वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में करीब 3,300 मस्जिदें संचालित हैं। इसके अलावा करीब 400 से 450 मदरसे हैं। प्रदेश में दरगाह, इमामबाड़े और खानकाह समेत अन्य धार्मिक संस्थान भी बड़ी संख्या में हैं।
बोर्ड की ओर से इन संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर जोर
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धार्मिक संस्थानों की भागीदारी के जरिए राष्ट्रीय पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने की बात कही गई है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि तिरंगा देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की बात भी कही है।
राष्ट्रगीत को लेकर कानून की स्थिति
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से संबंधित कानूनी प्रावधानों को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कानून का उद्देश्य राष्ट्रगीत का जानबूझकर अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई करना है।
हालांकि, केवल राष्ट्रगीत नहीं गाने को हर परिस्थिति में अपराध नहीं माना जाता। कानून मुख्य रूप से जानबूझकर अपमान, सार्वजनिक रूप से असम्मान या गायन में बाधा डालने जैसी परिस्थितियों पर लागू होता है।
इसलिए स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के संबंध में किसी व्यक्ति के आचरण को लेकर कार्रवाई का आधार संबंधित परिस्थितियां और लागू कानूनी प्रावधान होंगे।







