पहले फेसबुक पर हुआ प्यार फिर व्हाट्सएप पर 3 तलाक ,पढ़िए पूरी खबर

उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर में लव, सेक्स, धोखे के बाद में तीन तलाक का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है क‍ि थाना शिकारपुर क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने 6 साल पहले फेसबुक पर एक लड़की से प्‍यार हुआ और न‍िकाह के बाद उसने एक युवती की ज‍िंदगी तबाह कर दी. इसके बाद उसे व्‍हाट्सऐप से तीन तलाक दे दिया है.

उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में लव, सेक्स, धोखा, बाद में तीन तलाक का मामला सामने आया है. थाना शिकारपुर क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने 6 साल पहले फेसबुक के जरि‍ए छत्तीसगढ़ राज्य की एक युवती को प्रेम जाल में फंसा कर निकाह कर लिया था. निकाह के कुछ साल बाद परदेसी प्रेमिका के 2 बच्चे हुए जिन्हें बेरहम बुजदिल पिता ने मां की ममता से बच्चों को छीन लिया और मां से अलग रखने लगा.

इसके बाद लगाता परदेसी महिला का शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न हुआ. साथ ही उसे व्हाट्सऐप के जर‍िए उसे 3 तलाक दे दिया, जिसके बाद आज परदेसी प्रेमिका आत्महत्या करने को मजबूर है. न्याय के लिए सालों से एसएसपी दफ्तर के चक्कर काट रही है और न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने वाली परदेसी प्रेमिका प्यार के साथ-साथ अपने बच्चों को अपने साथ रखना चाहती ह. वहीं प्रेमी की बुजदिली उसकी मां की ममता को झकझोर रही है. आज बच्चों से उसकी मां की ममता को उनके ही पिता ने छीन लिया है 

इसके बाद लगाता परदेसी महिला का शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न हुआ. साथ ही उसे व्हाट्सऐप के जर‍िए उसे 3 तलाक दे दिया, जिसके बाद आज परदेसी प्रेमिका आत्महत्या करने को मजबूर है. न्याय के लिए सालों से एसएसपी दफ्तर के चक्कर काट रही है और न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने वाली परदेसी प्रेमिका प्यार के साथ-साथ अपने बच्चों को अपने साथ रखना चाहती ह. वहीं प्रेमी की बुजदिली उसकी मां की ममता को झकझोर रही है. आज बच्चों से उसकी मां की ममता को उनके ही पिता ने छीन लिया है.

एसएसपी दफ्तर के साथ-साथ कोतवाली शिकारपुर पुलिस से भी न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन कोतवाली के कोतवाल ने भी परदेसी महिला को कानून का पाठ पढ़ाते हुए महिला परामर्श केंद्र में जाने को कहा है. पीड़िता जगह-जगह थाने, चौकी, कोर्ट, कचहरी सभी जगह चक्कर लगाते-लगाते थक गई है, लेकिन पीड़िता का कहना है कि मरते दम तक इंसाफ के लिए लड़ती रहूंगी. वहीं पीड़िता की आंखों में आंसू और हाथों में शिकायत पत्र लेकिन एसएसपी से लेकर और थाना पुलिस तक परदेसी महिला की मदद करने वाला कोई नहीं है.

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