राज्यसभा की रेस…दावेदारी का पेंच! स्थानीय को मिलेगा मौका या हाईकमान के निर्देश पर बाहरी को भेजा जाएगा राज्यसभा?

रायपुर: प्रदेश के कोटे से राज्यसभा की जो दो सीट जून में खाली हो रही है, लेकिन चुनाव को लेकर अभी से सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। विधानसभा सदस्यों की संख्या को देखते हुए दोनों सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही है। लिहाजा कांग्रेस के दावेदारों ने दबाव डालना शुरू कर दिया है। इस लिस्ट में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत का नाम भी जुड़ गया है। महंत ने कहा कि उनकी राज्यसभा जाने की इच्छा है। महंत की इच्छा पर सीएम ने कहा कि ये तय करने का काम हाईकमान का है। अब सवाल ये है कि इस बार राज्यसभा की रेस में कौन-कौन है? चरणदास महंत के राज्यसभा गए तो सूबे का राजनीतिक समीकरण बदलेगा?

4 महीने बाद जून महीने में खाली हो रही राज्यसभा की 2 सीटों को लेकर कांग्रेस में दावेदारी शुरू हो गई है। पर्दे के पीछे कई दावेदार हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी इच्छा जाहिर की है। उनका कहना है कि वो उच्च सदन जाना चाहते हैं, लेकिन इसका फैसला सीएम और कांग्रेस हाईकमान को करना है। महंत के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि महंत हमारे सीनियर लीडर है, हाईकमान तय करेगा कि राज्यसभा कौन जाएगा। कौन प्रदेश में रहेगा और कौन लोकसभा चुनाव लड़ेगा ?

विधायकों की संख्या बल के हिसाब से राज्यसभा की दोनों सीट कांग्रेस की झोली में जानी तय है, लेकिन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति को लेकर जिस तरह स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा गरमाया था। उसके बाद स्थानीय उम्मीदवारों ने अभी से दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है। हालांकि सीएम ने साफ कर दिया है कि हाईकमान को तय करना है कि राज्यसभा किसे भेजा जाएगा? लेकिन दावेदारों की लंबी फेहरिस्त कांग्रेस हाईकमान की सिरदर्द जरूर बढ़ाएगा। दावेदारों की सूची में सत्ता संगठन के प्रभावशाली नेताओं के नाम हैं। वैसे चर्चा इस बात की भी है कि एक सीट हाईकमान के निर्देश पर किसी केंद्रीय नेता को दी जा सकती है। फिलहाल इस संबंध में कांग्रेस की तरफ से कोई खुलकर नहीं बोल रहा है। दूसरी ओर बीजेपी नेता इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बता रहे हैं।

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