रायपुर में दुरंतो एक्सप्रेस से 1.24 किलो सोना जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस को लेकर चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान के बीच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की संयुक्त टीम ने हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया है। गुरुवार को ट्रेन के B-12 कोच में तलाशी के दौरान 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ मिली। बरामद सोने का कुल वजन 1.242 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है।

कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र निवासी सुरेश कुमार और धैर्यशील को हिरासत में लिया गया है। एजेंसियां अब बरामद सोने के स्रोत और इसकी डिलीवरी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं।

सुरक्षा जांच के दौरान मिला सोना

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा जांच बढ़ाई गई है। इसी क्रम में रायपुर और नागपुर RPF क्राइम ब्रांच की टीम ने DRI के साथ मिलकर दुरंतो एक्सप्रेस में जांच अभियान चलाया।

B-12 कोच की तलाशी के दौरान संदिग्ध सामान मिलने पर जांच की गई, जिसमें सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। इसके बाद दोनों संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ शुरू की गई।

छत्तीसगढ़ में पहले भी सामने आते रहे हैं मामले

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में सोने की तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। वर्ष 2016 में रायपुर में DRI का जोनल कार्यालय शुरू होने के बाद से अब तक करीब 37 किलो सोना और 5 हजार किलो से अधिक चांदी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। इस दौरान 25 से अधिक कथित तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार तस्करी के मामलों में विदेशी मूल का सोना बांग्लादेश और म्यांमार से होते हुए कोलकाता तक पहुंचने और वहां से रेल व सड़क मार्ग के जरिए छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में भेजे जाने की आशंका रही है।

रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव तक नेटवर्क

जांच में सामने आए मामलों के अनुसार रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे शहरों का इस्तेमाल तस्करी के सोने की आवाजाही के लिए किया जाता रहा है। यहां से माल को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक पहुंचाए जाने की बात जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में सामने आई है।

तस्करी का नेटवर्क कथित तौर पर कई स्तरों पर संचालित होता है। इसमें मुख्य संचालक, सप्लायर, पैडलर और खरीदार अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं। पकड़े जाने का जोखिम कम करने के लिए सोने को छोटे हिस्सों में अलग-अलग लोगों के जरिए भेजने का तरीका भी अपनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

कपड़ों और सामान में छिपाकर ले जाते हैं सोना

जांच एजेंसियों को पूर्व के मामलों में तस्करी के सोने को अलग-अलग तरीकों से छिपाकर ले जाने की जानकारी मिली है। आरोपियों ने कभी बेल्ट, बैग और टिफिन में तो कभी कमरबंद और कपड़ों के भीतर सोना छिपाकर परिवहन किया। रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल ऐसे मामलों में प्रमुखता से किया जाता रहा है।

राजस्व नुकसान भी बड़ा मुद्दा

विशेषज्ञों के मुताबिक अवैध तरीके से लाए गए सोने की बिक्री से सरकार को सीमा शुल्क और अन्य करों के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान होता है। इसके अलावा बिना वैध दस्तावेज के होने वाला कारोबार सोने के वैध व्यापार को भी प्रभावित करता है।

DRI की ओर से तस्करी से संबंधित विश्वसनीय सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार का प्रावधान भी है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखे जाने की व्यवस्था बताई गई है।

ED भी कर चुकी है कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में सोने की कथित तस्करी से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच भी सामने आ चुकी है। जांच एजेंसी ने दुबई से करीब 260 करोड़ रुपये के सोने को छत्तीसगढ़ में खपाए जाने से जुड़े इनपुट पर कार्रवाई की थी। इस कथित सिंडिकेट से जुड़े कारोबारियों की करीब 64.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त/अटैच किए जाने की जानकारी दी गई है।

फिलहाल दुरंतो एक्सप्रेस से बरामद सोने के मामले में RPF और DRI की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोना कहां से लाया गया था और इसे छत्तीसगढ़ के रास्ते कहां पहुंचाया जाना था।

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