
रायपुर, 02 मार्च। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय 15 सशस्त्र माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये माओवादी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय थे।
इस घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और विकास कार्यों के विस्तार के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नक्सल-मुक्त बस्तर” का सपना तेजी से साकार हो रहा है और विकसित छत्तीसगढ़ का स्वरूप स्पष्ट रूप से आकार ले रहा है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का अटल संकल्प भयमुक्त, सुरक्षित और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है, जहां हर नागरिक सम्मान और अवसर के साथ जीवन यापन कर सके।




