
बलौदाबाज़ार,
फागुलाल रात्रे ।
शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मूहिम तहसील प्रशासन ने शुरू कर दिये है। मंगलवार को लवन तहसील से नायब तहसीलदार निशा वर्मा के नेतृत्व में पहुंची राजस्व टीम एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम के द्वारा ग्राम परसाडीह में गांव के लोगों के द्वारा किये हुए 40 एकड़ भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया। यहंा के कुछ ग्रामीणों के द्वारा बड़ी मात्रा में कब्जा कर लिया गया था। जिसे जनप्रतिनिधियो ने नोटिस देकर राजस्व व पुलिस प्रशासन के सहयोग से अवैध कब्जा हटवाया गया।
प्रदत्त जानकारी के अनुसार ग्राम परसाडीह में गौठान, चारागाह तथा नवीन तालाब गहरीकरण के लिए स्वीकृति मिल चूका था। लेकिन उक्त शासकीय निर्माण कार्य के लिए भूमि का आभाव बना हुआ था। जनप्रतिनिधि निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने के बाद भी जगह के आभाव में काम शुरू नहीं करा पा रहे थे। इसलिए जनप्रतिनिधियों ने ग्राम पंचायत से प्रस्ताव बनोकर शासकीय भूमि पर किये हुए सभी अवैध कब्जाधारियों को नियम पूर्वक नोटिस देना प्रारंभ किये। एक-दो नोटिस देने के बाद अधिकांश कब्जाधारियों ने स्वेच्छा से कब्जा छोड़ दिये थे। जिसके बाद इनसे से दो कब्जाधारियों ने स्थगन आदेश लाकर काम रूकवा दिया गया। कुछ दिनो तक न्यायालय में ग्राम पंचायत सरपंच के विरूद्व पेशी चलने के बाद तहसील प्रशासन की टीम के द्वारा उक्त मामले को संज्ञान में लिया गया।
आपको बता दें कि उक्त व्यक्तियों में से केवल दो व्यक्तियों के द्वारा नोटिस देने के बाद भी कब्जा किया हुआ था। एक व्यक्ति द्वारा तार का घेरा लगाकर कब्जा किया हुआ था तथा दूसरा व्यक्ति नवीन तालाब निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत जगह पर कब्जा किया हुआ था। नोटिस देने के बाद भी अवैध कब्जा नहीं हटा रहे थे। इसलिए तहसील प्रशासन की टीम के द्वारा तहसीलदार, पटवारी, कोटवार, पुलिस बल का संयुक्त रूप से टीम गठित कर अवैध कब्जा को हटाया गया। यहंा कुल 40 एकड़ से अधिक की भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के द्वारा बलपूर्वक कब्जा कर खेती किसानी कर रहे थे। जिसे लवन तहसील प्रशासन की टीम ने हटाया। कब्जा हटाने के दौरान तहसीलदार निशा वर्मा सहित राजस्व टीम, पुलिस प्रशासन, कोटवार तथा ग्राम सरपंच कृष्ण कुमार कोसले, उपसरपंच कांशीराम घृतलहरे, हेमकुमार साहू सचिव, रोजगार सहायक हेमंत कुमार घृतलहरे, कमल घृतलहरे, पंचगणो में मंजू बाई घृतलहरे, बैदन घृतलहरे, अमृत दास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।



