8.50 लाख दोगुने करने का झांसा देकर ठगी, खाकी पैकेट में थमा दी कागजों की गड्डी; बिहार से तीसरा आरोपी गिरफ्तार
सूरजपुर, 23 अगस्त 2026। शेयर करेंसी में रकम निवेश कर कुछ ही दिनों में दोगुनी करने का झांसा देकर 8 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को चौकी रेवटी पुलिस ने बिहार के कैमूर जिले से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
मामला वर्ष 2023 का है। ग्राम गोवर्धनपुर निवासी सुनील पाण्डेय ने 27 फरवरी 2023 को चौकी रेवटी में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार से उसके घर पहुंचे और शेयर करेंसी में निवेश के नाम पर उससे 8.50 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
पहले 10 हजार लेकर लौटाए 20 हजार, फिर 8.50 लाख की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले शेयर करेंसी में पैसा लगाकर रकम दोगुनी करने का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए उन्होंने शुरुआत में सुनील से 10 हजार रुपये लिए और अगले दिन 20 हजार रुपये वापस कर दिए।
इसके बाद आरोपियों ने बड़ी रकम लगाने पर महज 2 से 4 दिनों में पैसा दोगुना करने का दावा किया। झांसे में आकर सुनील ने 8.50 लाख रुपये की व्यवस्था कर आरोपियों को दे दिए।
27 फरवरी को आरोपी उसकी दुकान पर पहुंचे और रकम लेने के बाद उसे खाकी रंग का बंद पैकेट थमा दिया। आरोपियों ने बताया कि इसमें 17 लाख रुपये हैं और बाद में इसमें से 3 लाख रुपये उन्हें वापस करने हैं।
लेकिन आरोपियों के मोबाइल बंद हो जाने के बाद जब पीड़ित ने पैकेट खोला तो उसके होश उड़ गए। अंदर नोटों की जगह सादे कागज की गड्डी रखी हुई थी। इसके बाद उसे ठगी का पता चला।
फर्जी तरीके से लिए गए सिम से पीड़ित तक पहुंचे आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी और साइबर साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि सिम कार्ड चंदौली, उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति के दस्तावेजों पर जारी हुआ था।
पुलिस के अनुसार, वाराणसी के नगवा स्थित राज कम्युनिकेशन के संचालक अमरेश मिश्रा ने कथित तौर पर एक ही आधार कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर दो सिम जारी किए थे। इनमें से एक सिम उसने अपने पास रखा और बाद में राजेश सिंह को 1500 रुपये में बेच दिया।
पुलिस के मुताबिक राजेश सिंह ने अपने दो साथियों के साथ इसी सिम का इस्तेमाल कर पीड़ित से संपर्क किया। वारदात के बाद मोबाइल और सिम तोड़कर फेंक दिए गए थे।
पहले दो आरोपी गिरफ्तार, कार भी जब्त
मामले में पुलिस पहले अमरेश मिश्रा निवासी वाराणसी और राजेश सिंह निवासी भगवानपुर, थाना लंका, वाराणसी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की थी।
कैमूर में मिली लोकेशन, पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा
पुराने लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सूरजपुर योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर पुलिस टीम साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही थी।
इसी दौरान आरोपी शाहजाद अंसारी (29), निवासी शाही सराय, थाना कुदरा, जिला कैमूर, बिहार के कैमूर में होने की सूचना मिली। इसके बाद रेवटी पुलिस की टीम बिहार पहुंची और दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर सूरजपुर लाई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में शाहजाद अंसारी ने भी अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मामले में फरार एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।
कार्रवाई में चौकी प्रभारी रेवटी संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक शिव राजवाड़े, आरक्षक मनरूप पैंकरा और अशोक राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











