
रायगढ़। उद्योगपति से अचानक नेता बने युवा व्यवसाई को विधायक बनने की इतना चस्का लगा है कि वह नेता से अब विधायक बनने की लालसा समा गई है और जितना विधायक का दौरा नहीं होता हैं उससे ज्यादा उद्योगपति से तथाकथित नेता बने व्यवसाई दौरा कर रहा है अब सवालिया बनता है कि जब विधायक अपने क्षेत्र में लगातार दौरा कर रहे हैं और अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या सुनकर उनका हल निकाल रहे हैं इसके बावजूद उद्योगपति से नेता को क्षेत्र का दौरा समझ से परे है
क्या उद्योगपति से नेता बने अपने विधायक के कामकाज और क्षेत्र के दौरा से संतुष्ट नही है क्या अपने विधायक को समस्या सुनने पर भरोसा नहीं है क्या विधायक पर इतना भरोसा नहीं है कि क्षेत्र की समस्या सुनकर उसका हल निकाल पाएंगे तभी तो उनसे ज्यादा व्यवसाई को क्षेत्र का दौरा करना पड़ रहा है या फिर अंदर ही अंदर विधायक के खिलाफ षड्यंत्र तो नही है क्या उनकी विधायकी को क्षति पहुंचाने की कोशिश नही तो नही किया जा रहा है। सवाल यह भी बनता है कि यह सब देखने के बावजूद भी विधायक की छुपी समझ से परे है।
सूत्रों की माने तो विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों के अलग-अलग जगहों पर अपना खुद का कार्यकर्ता भी नियुक्त कर रहा है वही खबर यह भी है कि उद्योगपति के द्वारा विधायक के खिलाफ ताल ठोक कर यह बोला जा रहा है की कुछ भी हो अगला विधायक की टिकट मुझे ही मिलेगी चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े जिला कांग्रेस कमेटी या फिर प्रदेश काग्रेस कमेटी के द्वारा उद्योगपति व्यवसाय से नेता बने युवा व्यवसाई को नहीं रोका गया तो काग्रेस के लिए काफी मुसीबत भरा विधानसभा रहेगा क्योंकि अगर उसको किसी कारण वश टिकट नहीं मिला तो काग्रेस के खिलाफ चुनाव भी लड़ सकता है क्योंकि उद्योगपति से एक्सीडेंटल नेता बने व्यवसाई को विधायक कितनी चस्का लगी है कि अपने ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने में भी कोई परहेज नहीं हो सकती।



