
बलौदाबाजार,
फागुलाल रात्रे, लवन।
फागुलाल रात्रे, लवन।
पंचायत सचिवों ने भूपेश बघेल सरकार की धोखेबाजी से आक्रोशित और मायूस होकर 16 मार्च से ग्राम पंचायतों का कामकाज बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। जिसके कारण पूरे प्रदेश में करोड़ों के विकास कार्य बंद हो चुके हैं। पंचायतों के जन्म मृत्यु पंजीयन, ग्राम सभा, ग्राम पंचायत की बैठक, निर्माणाधीन कार्यों के भुगतान संबंधी समस्त कामकाज ठप हो चुके हैं। जिससे ग्राम पंचायतों की सरकार कोमा में चली गई है। सचिव संघ के अध्यक्ष बलदाऊ साहू एवं जिला प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा ने बताया कि 2 वर्ष पूर्व जब ग्राम पंचायत सचिवों ने हड़ताल की थी उस दौरान सरकार ने आश्वासन दिया था कि उनका नियमितीकरण किया जाएगा। किंतु सरकार ने 2 वर्षों तक सिर्फ सचिवों को अंधेरे में रखा। सचिवों के साथ ठगी की धोखेबाजी की और अपने किए गए वादे को पूरा नहीं किया। जिसके कारण सचिव संगठन को हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ गया। यहां यह बताना लाजिमी है कि सचिवों की नियुक्ति के समय ही शिक्षा कर्मियों की भी नियुक्ति हुई थी। किंतु सरकार ने उनका संविलयन कर शासकीयकरण कर दिया किंतु सचिवों के शासकीयकरण करने के लिए सरकार बहानेबाजी कर रही है। जिसके कारण सचिवों को शासकीय सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई सचिव शासकीय सेवा के लाभ से वंचित रहते हुए रिटायर हो चुके हैं। जबकि 2 वर्ष के दौरान 144 सचिवों की मृत्यु हो चुकी है। सचिवों की मांग काफी पुरानी है। भूपेश बघेल सरकार ने वादा किया था किंतु अब सरकार वादाखिलाफी पर उतर आई है। सचिव संगठन ने कहा कि जब तक सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। छठवे दिन की हड़ताल में प्रहलाद श्रीवास अग्नि निर्मलकर भूषण वर्मा लोकनाथ साहू मनोज मारकंडे पवन साहू राजेंद्र भट्ट रितु साहू देव कुमारी राय ललिता टंडन सरिता श्रीवास सरोजनी पैकरा बालाराम वर्मा दुलेश्वर कन्नौजे राकेश सोनी मनोज घृतलहरे करीम अली खान उत्तम साहू थानेश्वर साहू उषा ध्रुव सावित्री वर्मा भिंगेश्वर सेन मोहन साहू लक्ष्मीनारायण वर्मा सहित सैकड़ों सचिव दशहरा मैदान में डटे रहे और भूपेश बघेल होश में आओ होश में आओ के नारे लगाते रहे। सचिवों के मन में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। अब देखना यह है कि भूपेश बघेल आने वाले चुनाव को देखते हुए सचिवों से किए गए वादे को पूरा करते है या फिर उनके साथ सिर्फ छल करते हैं।




