
नई दिल्ली | बलूचिस्तान के प्रमुख नेता मीर यार बलूच ने भारत का खुलकर समर्थन करते हुए पाकिस्तान और चीन की रणनीतियों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक पत्र भेजकर पाकिस्तान से जुड़ी अहम अंदरूनी जानकारियां साझा की हैं। यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सार्वजनिक किया गया है।
चीन-पाक गठजोड़ पर चेतावनी
मीर यार बलूच ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि आने वाले समय में चीन, पाकिस्तान में अपनी सैन्य तैनाती कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग भारत सहित पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
“79 सालों से अत्याचार झेल रहे हैं बलूच लोग”
बलूच नेता ने लिखा कि बलूचिस्तान के लोग बीते 79 वर्षों से आतंकवाद, दमन और मानवाधिकार उल्लंघनों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने की जरूरत है, ताकि बलूचिस्तान के लोगों को स्थायी शांति और आत्मनिर्णय का अधिकार मिल सके।
सीपीईसी के बहाने बढ़ती चीनी दखलअंदाजी
मीर यार बलूच ने चेताया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) अपने अंतिम चरण में है और इसके साथ ही चीन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि बलूच प्रतिरोध और रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया गया और बलूच जनता की आवाज को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में बलूचिस्तान में चीनी सेना की मौजूदगी देखी जा सकती है।
क्षेत्रीय राजनीति में नया संकेत
इस पत्र को दक्षिण एशिया की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। बलूच नेता का यह खुला समर्थन और चीन-पाकिस्तान गठजोड़ पर सीधी चेतावनी भारत की कूटनीतिक और सामरिक चिंताओं को और मजबूती देती है।




