
त्रिवेणी संगम राजिम के पावन तट पर राजिम कुंभ कल्प मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जहां पवित्र नदियों का संगम होता है, वह स्थल सदियों से पुण्य, आस्था और ऐतिहासिक चेतना का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि ‘कुंभ कल्प’ के नाम से आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सशक्त प्रतीक है।
राज्यपाल ने राजिम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां स्थित प्राचीन मंदिरों की बहुलता इस क्षेत्र को पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशिष्ट पहचान देती है। इन मंदिरों में उकेरी गई मूर्ति कला प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और शिल्प परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है।
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक उत्सव परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो समाज को आपसी मूल्यों, आस्था और सांस्कृतिक एकता के सूत्र में और अधिक मजबूती से बांधता है।




