
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की परीक्षा प्रक्रिया के लिए जारी किए विस्तृत निर्देश
रायपुर। राज्य शिक्षा विभाग ने सत्र 2025-26 के लिए निजी स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन को जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी डीईओ को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से जिला स्तर पर तय की गई है।
परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित करने का प्रयास
निर्देशों के अनुसार कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होंगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य निजी स्कूलों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, एकरूप और अनुशासित बनाना है, ताकि सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन समान मापदंडों पर हो सके।
जिला शिक्षा अधिकारी होंगे परीक्षा संचालन के लिए पूर्ण उत्तरदायी
जिला स्तर पर जिला स्तरीय संचालन समिति, प्रश्न पत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन 5 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। डीईओ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में निजी विद्यालयों की परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो और विद्यार्थियों को निष्पक्ष मूल्यांकन का लाभ मिल सके।
शामिल और असमर्थ विद्यालयों की सूची और नियम
कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा में राज्य के समस्त शासकीय विद्यालय, अनुदान प्राप्त विद्यालय और छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध शासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी अनिवार्य रूप से सम्मिलित होंगे। हालांकि, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय इसमें शामिल नहीं होंगे।
ब्लूप्रिंट और सेम्पल प्रश्न पत्र से तैयारी में सुविधा
कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के लिए ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्न पत्र का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा की पूर्व तैयारी के लिए सेम्पल प्रश्न पत्र बनाए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं अभ्यास कर सकें और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।




