
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 फरवरी को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नक्सल-विरोधी अभियानों और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए दो उच्चस्तरीय बैठकें कीं। बैठकों में राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर जारी संदेश में गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नक्सली वित्तीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने दोहराया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय समय पर हासिल किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, वह आज भाजपा की दो इंजन वाली सरकार के नेतृत्व में विकास का प्रतीक बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा अब खेल, फोरेंसिक साइंस और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए विकास की राह पर अग्रसर हैं।
बैठकों में रहे ये प्रमुख लोग शामिल
बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्रीय सम्मेलन में भी हुए शामिल
समीक्षा बैठकों के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “छत्तीसगढ़ @25: शिफ्टिंग द लेंस” में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में राज्य के भविष्य, विकास की दिशा और नई संभावनाओं पर चर्चा की गई।




